Basant Panchami 2024: वसंत पंचमी पर बच्चों की शिक्षा में सफलता और तरक्की के लिए यह उपाय बहुत लाभकारी
वसंत पंचमी के दिन विद्यार्थी श्वेत या पीले वस्त्र पहनकर पढ़ने की मेज पर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बुद्धि के देवता श्रीगणेश और शिक्षा की देवी मां सरस्वती की तस्वीर लगाएं।
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Basant Panchami 2024: ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी का त्योहार 14 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। यह दिन कला से जुड़े लोगों के अलावा विद्यार्थियों के लिए भी बहुत खास होता है। इस दिन सभी घरों और स्कूलों आदि में सभी कलाओं से परिपूर्ण मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। छोटे बच्चों को इस दिन अक्षर लिखवाकर उनकी शिक्षा का शुभारंभ किया जाता है। ऐसा करने से पूरे विद्यार्थी जीवन में मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है, शिक्षा में आशातीत सफलता प्राप्त होती है। जो विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर हैं या जिनको बार बार प्रयास करने के बाद भी सफलता हासिल नहीं हो रही है ऐसे छात्रों के लिए वसंत पंचमी के दिन कुछ उपाय करने से उनका पढ़ाई में मन भी लगेगा और उनको शिक्षा में सफलता मिलेगी।
पढ़ाई में सफलता के लिए
कभी-कभी घर के वास्तुदोष के कारण भी विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता नहीं मिलती। इसलिए आपका बच्चा कहां पढ़ रहा है, पढ़ते वक्त किस दिशा में उसका चेहरा है, इस बात का ध्यान बेहद जरूरी हो जाता है। परीक्षा में सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ अध्ययन कक्ष का सही दिशा में होना बहुत आवश्यक है। पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा ध्यान और शांति की दिशा मानी गई है। सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव भी इसी दिशा में सबसे अधिक होता है। अतः ध्यान रहे कि अध्ययन कक्ष इन्हीं दिशाओं में हो और पढ़ते समय चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे। पढ़ाई की मेज रखने की सबसे उपयुक्त जगह उत्तर जोन है,यहाँ मेज रखने से बच्चे कॅरियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते है। पढाई हेतु कमरे में पुस्तकों की छोटी और हल्की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए।
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बच्चों से कराएं पूजा
वसंत पंचमी के दिन विद्यार्थी श्वेत या पीले वस्त्र पहन कर पढ़ने की मेज़ पर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बुद्धि के देवता श्री गणेश और शिक्षा की देवी माँ सरस्वती की तस्वीर लगाएं। मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा करने के दौरान उनको पीले पुष्प, पीले रंग की मिठाई या खीर जरूर अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा उनको केसर या पीले चंदन का टीका लगाएं एवं पीले वस्त्र भेंट करें।इसके साथ ही पूजा के स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबों को रखें,ऐसा करने से मां सरस्वती की कृपा से ही विद्यार्थी को ज्ञान, बुद्धि, विवेक के साथ विज्ञान, कला और संगीत में महारत हासिल करने का आशीष मिलता है।
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मंत्र का जाप कराएं
अगर विद्यार्थी का मन पढ़ाई में नहीं लगता है तो उन्हें मां सरस्वती के मूल मंत्र 'ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमः' का जाप करना चाहिए। मंत्र का जाप ब्रह्म वेला में, स्वच्छ आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए।
बच्चों के हाथ से दान कराएं
यदि आपके बच्चे को पढ़ा हुआ जल्दी याद नहीं होता है तो वसंत पंचमी पर बच्चों के हाथों जरुरतमंदों को किताबें और पेन दान कराएं। मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चे की याद करने की शक्ति तेज होती है,साथ ही मां सरस्वती की तस्वीर स्टडी टेबल पर रख दें, ऐसा करने से बच्चा एकाग्रचित होगा, पढ़ाई में मन लगेगा और साथ ही याद्दाश्त भी अच्छी होती है।