पर्व: अक्षय तृतीया के दिन क्यों खरीदते हैं सोना ? जानिए अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त
- अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना होता है शुभ
- त्रेता युग का आरंभ भी इसी तिथि से माना गया हैं, अतः इसे युगादितिथि भी कहा गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयंसिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिर स्थाई एवं शुभ माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा तथा दीवाली। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो। यह तिथि भगवान परशुराम जी का जन्मदिन होने के कारण परशुराम तिथि और चिरंजीवी तिथि भी कहलाती है। त्रेता युग का आरंभ भी इसी तिथि से माना गया हैं, अतः इसे युगादितिथि भी कहा गया है। इस दिन किए गए कार्यों का अक्षय फल मिलता है। परशुराम जी का अवतरण भी इसी दिन हुआ था। ब्रहमा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन माना जाता है। यह एक सर्वसिद्ध मुहूर्त माना जाता है जिस दिन पंचाग देखे बगैर कोई भी मांगलिक शुभ कार्य किया जा सकता है। नए व्यवसाय या नई संस्था की नींव रखी जा सकती है।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन अगर हम भौतिक संसाधन जुटाएं तो वो हमारे जीवन में हमेशा बने रहते हैं। ऐसे में अक्षय तृतीया के दिन नया काम शुरू करने, भौतिक संसाधनों जैसे बर्तन, सोना, चांदी जैसी अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना गया है। साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना आने वाली पीढ़ियों के साथ बढ़ता चला जाता है।अक्षय तृतीया के दिन सूरज की किरणों में काफी तेज होता है। सूर्य का संबंध सोने के चलते इस दिन सोना खरीदना शक्ति और ताकत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस दिन अगर आप सोना नहीं खरीद पाते हैं तो दान-पुण्य करके जीवन में आने परेशानियां दूर कर सकते हैं।
अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त
तृतीया तिथि का आरंभ: 14 मई 2021 को प्रात: 05 बजकर 38 मिनट से
तृतीया तिथि का समापन: 15 मई 2021 को प्रात: 07 बजकर 59 मिनट तक
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त: प्रात: 05 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक
अवधि: 06 घंटा 40 मिनट