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अनदेखी: हिमाचल के आनी में 35 साल से गुफा में रह रही 58 वर्षीय महिला, दिवाली लाई उजाला
Sat, 06 Nov 2021 11:30 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आनी (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, आनी (कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 06 Nov 2021 11:30 AM IST
सार
करीब पांच दशक पूर्व बिंदरू देवी ने मजदूरी का काम कर रहे बंगाल के युवक के साथ शादी की थी। पति का करीब पांच साल पूर्व देहांत हो गया है। ऐसे में अब यह महिला सुनसान में दशकों पूर्व बनी इस पत्थर की गुफा में अकेली ही अपनी शेष जिंदगी काट रही है।
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35 साल से गुफा में रह रही 58 वर्षीय महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जंगल में जहां लोग इकट्ठे जाने से भी डरते हैं। वहीं एक महिला 35 साल से अकेली गुफा में जीवन बसर कर रही है। महिला के पास न तो भूमि है और न कोई सरकारी सुविधा। यहां बात हो रही है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के आनी खंड की पलेही पंचायत के तांदी गांव के साथ कुटल नामक स्थान पर रहने वाली 58 वर्षीय बिंदरू देवी की। वह जंगली जानवरों के खौफ में जीवन जीने को विवश है। करीब पांच दशक पूर्व महिला ने यहां मजदूरी का काम कर रहे बंगाल के युवक के साथ शादी की थी। महिला की दो बेटियां हैं, जिनका विवाह भी हो चुका है।
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बिंदरू देवी के पति का करीब पांच साल पूर्व देहांत हो गया है। ऐसे में अब यह महिला सुनसान में दशकों पूर्व बनी इस पत्थर की गुफा में अकेली ही अपनी शेष जिंदगी काट रही है। बिंदरू देवी ने जीवन यापन के लिए एक गाय भी पाल रखी है। जबकि बेटियां भी कभी अपनी माता का ख्याल रखने के लिए पहुंच जाती हैं। बिंदरू देवी के दो भाई और दो बहनें हैं। लेकिन जानकारी के अभाव के चलते पिता के नाम की डेढ़ बीघा जमीन भी अभी तक उसके नाम नहीं हो पाई। गुफा में न तो बिजली है और न ही कोई अन्य सुविधा।
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जिला परिषद सदस्य बोले-कागजात पूरे करवाएंगे
वहीं, दिवाली के दिन जिला परिषद सदस्य पंकज परमार ने अपने घर में लगी सोलर लाइट गुफा के आंगन में लगाकर गुफा को रोशन किया। कहा कि वह बिंदरू देवी के सभी कागजात तैयार करवाएंगे, जिसकी उसे जरूरत है।
स्वीकृति मिलते ही बनाएंगे मकान
उधर, पलेही पंचायत की प्रधान सुषमा मेहता का कहना है कि बिंदरू देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए सर्वे में डाला जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही मकान बनाकर देंगी।