सलाहकारों ने तैयार की रणनीति, प्रतिभा को अर्की से उपचुनाव लड़ाने की तैयारी
पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को मंडी लोकसभा सीट से उतारने का सिपहसलार जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में अर्की सीट को सुरक्षित मानते हुए उन्हें कांग्रेस का उम्मीदवार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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मंडी संसदीय सीट से पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को उपचुनाव लड़ाने की अटकलों के बीच अब उन्हें पति वीरभद्र सिंह की विधानसभा सीट अर्की से उतारने की तैयारी की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत से खाली हुई इस सीट को सबसे सुरक्षित माना जा रहा है। वीरभद्र सिंह के परिवार का सूबे में वर्चस्व बनाए रखने के लिए सलाहकारों ने यह रणनीति तैयार की है।
पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को मंडी लोकसभा सीट से उतारने का सिपहसलार जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में अर्की सीट को सुरक्षित मानते हुए उन्हें कांग्रेस का उम्मीदवार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। वीरभद्र सिंह की किचन कैबिनेट के नेताओं का मत है कि अर्की से प्रतिभा सिंह को उम्मीदवार बनाकर इस सीट को आसानी से कब्जाया जा सकता है।
सांसद बनाने के बजाय प्रतिभा सिंह को प्रदेश की राजनीति में ही सक्रिय रखने और वीरभद्र परिवार को मजबूत करने के लिए यह योजना तैयार की गई है। जानकारों का कहना है कि विक्रमादित्य सिंह और प्रतिभा सिंह के एक साथ प्रदेश की राजनीति में होने से कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लाभ होगा। वीरभद्र सिंह के निजी वोट को विक्रमादित्य और प्रतिभा सिंह ही एक साथ रख सकेंगे।
एक धड़ा संजय अवस्थी की कर रहा पैरवी
प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा अर्की से संजय अवस्थी को प्रत्याशी बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। संजय अवस्थी को 2012 के चुनाव में दो हजार से अधिक मतों से शिकस्त हुई थी। 2017 में वीरभद्र सिंह के लिए संजय अवस्थी ने अपनी दावेदारी छोड़कर पूरी सक्रियता से चुनाव प्रचार किया था।
बेटे के लिए सीट छोड़ने के बाद अर्की से लड़े थे वीरभद्र
वीरभद्र सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव में शिमला ग्रामीण सीट अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ी थी। प्रदेश की सियासत के राजा रहे वीरभद्र सिंह ने सोलन जिला में जाकर अर्की विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। चुनाव प्रचार के दौरान वीरभद्र ने बहुत कम समय के लिए अर्की में प्रचार कर चुनाव जीता था। अब उनके देहांत से खाली हुई अर्की सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए गहमागहमी तेज हो गई है।
भाजपा की गुटबाजी से आसान होगी राह
अर्की में भाजपा की गुटबाजी का भी प्रतिभा सिंह को लाभ मिल सकता है। भाजपा में टिकट के लिए लड़ाई शुरू हो चुकी है। पूर्व विधायक गोविंद शर्मा ने मोर्चा खोला हुआ है। अर्की से चुनाव लड़ चुके भाजपा नेता रत्नपाल सिंह भी खासे सक्रिय हैं।
दिल्ली में शुक्ला और राठौर ने की गुफ्तगू
हिमाचल प्रदेश में होने वाले मंडी संसदीय सीट सहित फतेहपुर, जुब्बल कोटखाई और अर्की विधानसभा के उपचुनावों में उतारे जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर वीरवार को नई दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के बीच लंबी गुफ्तगू हुई। राठौर ने शुक्ला के आवास पर मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद पहली बार दिल्ली गए राठौर ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के पास भी हाजिरी भरी।
शुक्रवार को जासूसी प्रकरण के खिलाफ राजभवन शिमला के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राठौर दिल्ली से लौट भी आए हैं।
राठौर ने शुक्ला से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद बदले समीकरणों को लेकर भी चर्चा की है। पार्टी को आगामी वर्ष में होेने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत और एकजुट करने पर भी बातचीत की गई। शुक्ला ने राठौर को कई जरूरी दिशा निर्देश भी दिए हैं। राठौर ने बताया कि कोरोना संकट के चलते दिल्ली का दौरा नहीं हो सका था। ऐसे में अब हालात कुछ ठीक होने पर वह दिल्ली गए थे और पार्टी के कई नेताओं से मिले हैं।