ऊना गोलीकांड: कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में चार आरोपियों समेत 10 को दबोचा
ऊना जिले के दुलैहड़ में कांग्रेस कार्यकर्ता रविंद्र कुमार सेठी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों समेत 10 लोगों को दबोचा है।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के दुलैहड़ में कांग्रेस कार्यकर्ता रविंद्र कुमार सेठी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों समेत 10 लोगों को दबोचा है। एक आरोपी रिशुपाल उर्फ मणि पुरानी रंजिश में किसी और व्यक्ति की हत्या करने की फिराक में था, लेकिन रेकी करते समय 12 सितंबर को उसकी सेठी से कहासुनी हो गई और उसके साथी जसबीर सिंह ने सेठी पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई। 7.6 एमएम देसी कट्टे से सेठी को गोली मारने के बाद जसबीर समेत चारों आरोपी पोलियां में सीमा क्षेत्र से होते हुए पंजाब भाग निकले और अलग-अलग स्थानों पर छिप गए। पुलिस ने आरोपियों को पंजाब व राजस्थान से गिरफ्तार किया।उनकी मदद करने वालों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान जसबीर सिंह (23) निवासी भुंगा जिला होशियारपुर, अभिषेक राणा (21) निवासी पस्सी मंडी तहसील दसूहा जिला होशियारपुर, रिशुपाल (23) निवासी बस्सी वाजिद हरियाना भुंगा होशियारपुर व एक नाबालिग शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
बरामद कट्टे से पहले भी वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। आरोपियों की मदद करने वालों में परमजीत सिंह (20) निवासी मुछेरो तहसील भोगपुर होशियारपुर, गगनदीप सिंह (20) निवासी खेपड़ा हरियाना भुंगा, होशियारपुर, हरबंस सिंह (55) निवासी बुग्गा हरियाना भुंगा होशियारपुर, राजरानी पत्नी (50) हरबंस सिंह, सुखदेव सिंह (27) निवासी मगली लुधियाना, कुलवंत सिंह (31) निवासी बूथगढ़ महखां लुधियाना के तौर पर हुई है। परमजीत सिंह ने आरोपियों को सिम कार्ड दिए और उनको अलग-अलग जगह भगाने में मदद की। गगनदीप ने वारदात के एक दिन पहले आरोपियों के साथ रेकी की। हरबंस सिंह और राजरानी मुख्य आरोपी जसबीर सिंह के माता-पिता हैं और उन्होंने आरोपियों को छिपने में मदद की। सुखदेव सिंह ने सबूत मिटाए और कट्टा छिपाया। कुलवंत ने आरोपी जसवीर को छिपने में मदद की। उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि डीजीपी पंजाब लगातार हिमाचल पुलिस के आला अधिकारियों के संपर्क में रहे। एसएसपी होशियारपुर से उनकी लगातार बातचीत होती रही। डीसीपी जोधपुर ने भी एक आरोपी को दबोचने में सहयोग किया।
अप्रैल में हुई थी मारपीट, लगातार कर रहे थे रेकी
बताया जा रहा है कि रिशुपाल की दुलैहड़ में रिश्तेदारी है। अप्रैल में कुछ स्थानीय लोगों से उसका विवाद हो गया और मारपीट भी हुई। इसी का बदला लेने आरोपी साथियों के साथ लगातार रेकी कर रहा था। वारदात से एक दिन पहले 11 सितंबर को दो बाइकों पर छह आरोपियों को टाहलीवाल में देखा गया। शाम तक सफल न होने पर वे होशियारपुर लौट गए। 12 सितंबर को दोबारा दो बाइक पर चार आरोपी रेकी करने आए, लेकिन सफल न होने पर शाम को लौटते समय उनकी रविंद्र सेठी से किसी बात पर कहासुनी हो गई। तैश में आकर जसबीर सिंह ने गोली चला दी और रविंद्र की मौत हो गई।