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यूक्रेन-रूस युद्ध: गोलाबारी के बीच रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में विद्यार्थियों ने पैदल तय किया 15 किलोमीटर का सफर

Wed, 02 Mar 2022 08:06 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)/ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)/ऊना Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Mar 2022 08:06 PM IST
सार

हिमाचल के अंकुर चंदेल ने अपने पिता नरेश चंदेल को बताया कि वह भारतीय समय के अनुसार करीब एक हजार विद्यार्थियों के साथ खारकीव यूनिवर्सिटी के बंकर से निकलकर 15 किलोमीटर पैदल सफर तय कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे हैं। 

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Ukraine-Russia war: Students covered 15 kms on foot to reach railway station amid shelling
पैदल रेलवे स्टेशन पहुंचे विद्यार्थी। - फोटो : संवाद

विस्तार

यूक्रेन के कीव से सभी भारतीयों को सुरक्षित निकालने के बाद अब खारकीव शहर से भी राहत भरी खबर आई है। यहां से एक हजार भारतीय विद्यार्थी खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के बंकरों से निकलकर रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। खारकीव के समय अनुसार बुधवार तड़के छह बजे एक हजार विद्यार्थी भारी गोलीबारी और बमबारी के बीच 15 किलोमीटर पैदल निकटवर्ती रेलवे स्टेशन में पहुंच गए है। इनमें हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के अंकुर चंदेल और रिशिता भी हैं। यहां से निकलने के लिए वह ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। 14 घंटे का सफर तय कर यूक्रेन के लवीव और वहां से पोलैंड जाएंगे। पौलेंड पहुंचने के बाद विद्यार्थियों को भारत लाने की व्यवस्था की जाएगी।

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अंकुर चंदेल ने अपने पिता नरेश चंदेल को बताया कि वह भारतीय समय के अनुसार करीब एक हजार विद्यार्थियों के साथ खारकीव यूनिवर्सिटी के बंकर से निकलकर 15 किलोमीटर पैदल सफर तय कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे हैं। यहां ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन से लवीव जाने को कहा गया है। यहां से पोलैंड बॉर्डर निकट है। खारकीव से लवीव की ट्रेन से दूरी करीब 14 घंटे की बताई गई है। इधर, रेलवे स्टेशन पर पहुंचे विद्यार्थी भूखे प्यासे हैं। अंकुर ने बताया रास्ते में भी खाने-पीने को व्यवस्था न थी। उन्हें लवीव में ही खाना मिलने की बात कही जा रही है। इधर, अंकुर चंदेल के पिता नरेश चंदेल ने बताया वह बेटे के रेलवे स्टेशन पहुंचने से खुश हैं। इससे आगे वह सुरक्षित यूरोप के देश पोलैंड पहुंच जाए तो ही राहत मिलेगी। उन्हें बच्चों को खारकीव से निकालने के लिए किए जा रहे इंतजाम के लिए भारत सरकार का आभार जताया है।
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अंधेरे में 15 किमी चल खारकीव स्टेशन पहुंचे ऊना के पुनीत  
वहीं, ऊना की झंबर पंचायत के सुरजेड़ा गांव के पुनीत शर्मा खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। इस समय भारत आने के लिए संघर्षरत हैं। पुनीत माहौल शांत होने के इंतजार में थे, लेकिन हालात और खराब होते गए। उनके पास खाना तक खत्म हो गया। मंगलवार रात को जान जोखिम में डालकर उन्हें रात के अंधेरे में 15 किलोमीटर दूर स्थित खारकीव रेलवे स्टेशन के लिए पैदल ही निकलना पड़ा। उनके साथ करीब 300 विद्यार्थी थे। जैसे ही रूस की ओर से गोलीबारी थमी, सभी विद्यार्थी खारकीव रेलवे स्टेशन के लिए चल पड़े। सुबह होने से पहले सभी बच्चे खारकीव रेलवे स्टेशन पहुंचे और अब उन्हें ट्रेन का इंतजार है।  पुनीत के पिता रविंदर शर्मा ने बताया कि खारकीव में उनके बेटे को स्थानीय लोग खाना मुहैया करवा रहे थे। मंगलवार से उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। खारकीव रेलवे स्टेशन से दिन में चार से पांच ट्रेन दूसरे देश के लिए निकल रही है। चरूड़ू गांव की मेडिकल छात्रा काजल खारकीव रेलवे स्टेशन से हंगरी के लिए ट्रेन लेने में सफर रहीं। हालांकि, ट्रेन में बैठने के बाद परिजनों की उससे बात नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में मोबाइल नेटवर्क ठप है। काजल करीब 14 घंटे सफर के बाद हंगरी पहुंचेंगी और तब जाकर उससे बात होने की उम्मीद है।
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