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यूजीसी कमीशन की बैठक: विवि-कॉलेजों में बिना डिग्री बन सकेंगे प्रोफेसर

Mon, 22 Aug 2022 01:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 22 Aug 2022 01:31 PM IST
सार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की 18 अगस्त को यूजीसी कमीशन की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें तीन प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसमें सबसे प्रमुख प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस है।

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UGC Commission meeting criteria for professor in college and university
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब बिना अकेडमिक डिग्री भी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रोफेसर बन सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कमीशन ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों के महारथी शैक्षिक योग्यता के बिना भी प्रोफेसर बनकर दो साल तक सेवाएं दे सकेंगे। इसमें गायक, नृतक, उद्योग, समाज सेवी से लेकर अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। आईआईटी और आईआईएम में पहले से प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना लागू है। इसके तहत इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ देश के इन सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। 

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की 18 अगस्त को यूजीसी कमीशन की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें तीन प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसमें सबसे प्रमुख प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस है। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस को मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालयों में नेट और पीएचडी के बगैर भी प्रोफेसर बनकर सेवाएं देने का रास्ता खुल गया है। 
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अभी क्या है नियम
अभी तक यूजीसी से मान्यता प्राप्त केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्यों के विश्वविद्यालयों समेत डीम्ड -टू-बी यूनिवर्सिटी में  प्रोफेसर बनने के लिए शैक्षिक योग्यता में नेट और पीएचडी होना जरूरी है। हालांकि, इस प्रस्ताव के बाद अपने-अपने क्षेत्रों के महारथी भी पढ़ाई करवा सकेंगे। हालांकि उनकी नियुक्ति के लिए यूजीसी ने मानक तय किए हैं। 
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ऑटोनॉमस कॉलेज का दर्जा अब नैक की ग्रेडिंग से मिलेगा
ऑटोनॉमस कॉलेज यानी स्वायत्त कॉलेज का दर्जा देने के नियमों में बदलाव किया गया है। अभी तक यूजीसी की टीम निरीक्षण के आधार पर कॉलेजों को स्वायत्त होने का दर्जा देती है। लेकिन नए नियम के तहत यूजीसी की टीम अब निरीक्षण नहीं करेगी। नैक की टीम छह मानकों पर कॉलेजों की जांच करेगी, उसी के आधार पर उन्हें स्वायत्त का दर्जा मिलेगा। वहीं, अब स्वायत्त कॉलेज का दर्जा पांच की बजाय 10 साल तक मान्य रहेगा?

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