आईजीएमसी में एक बेड पर दो-दो मरीज आनन-फानन में की 70 बिस्तरों की व्यवस्था
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राज्य के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी का आइसोलेशन वार्ड एक बार फिर कोरोना मरीजों से भर गया है। गुरुवार को वार्डों में अचानक मरीज आने से एक बेड पर दो-दो मरीजों को शिफ्ट करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में 70 और बेडों की व्यवस्था की है। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ और उत्तराखंड के मरीज भी यहां इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके चलते मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई हैं। आईजीएमसी के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है वे भी बेड नहीं छोड़ रहे हैं। वे होम आइसोलेशन में नहीं जाना चाह रहे।
ऐेसे में जिन मरीजों को ज्यादा दिक्कत नहीं है उन्हें ही एक बेड पर दो-दो किया जा रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों को उपचार देने से मना नहीं किया जा सकता। उधर, आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने माना कि वीरवार को 70 और बेडों की व्यवस्था करनी पड़ी। अब आइसोलेशन वार्ड के बाद बिस्तरों की संख्या 217 हो गई है। उधर, बताया जा रहा है कि गुरुवार को संजौली की रहने वाली 70 वर्षीय पॉजिटिव महिला को ऑक्सीजन के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा।