Sirmour News: उत्तराखंड से हिमाचल आ पहुंचा बाघ, पग चिह्न मिले
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से बाघ ने हिमाचल में दस्तक दी है। पांवटा साहिब घाटी के शमशेर जंग नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा के समीप यमुना नदी और निजी क्षेत्र में बाघ के पग चिह्न (फुट प्रिंट) मिले हैं।
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पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से बाघ ने हिमाचल में दस्तक दी है। पांवटा साहिब घाटी के शमशेर जंग नेशनल पार्क सिंबलवाड़ा के समीप यमुना नदी और निजी क्षेत्र में बाघ के पग चिह्न (फुट प्रिंट) मिले हैं। क्षेत्र में बाघ की कदमताल के बाद वन्य प्राणी विभाग ने सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क में ट्रैप कैमरे स्थापित कर दिए हैं, जिससे बाघ की जंगल में गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सके। दरअसल, बाघ के पग चिह्न मिलने से वन विभाग, वन्य प्राणी विभाग के साथ वन्य प्राणी प्रेमी भी उत्साहित हैं। क्षेत्र में बाघ के पग चिह्न कई मायनों में दुर्लभ हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि बाघ ने उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क, हरिद्वार, कालसी या तिमली क्षेत्र से यमुना नदी का जलस्तर कम होने के बाद पांवटा घाटी में दस्तक दी होगी। विभाग की मानें तो कई वर्षों बाद घाटी में बाघ के पग चिह्न पाए गए हैं।
मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वन्य प्राणी विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश में केवल पांवटा घाटी ही एक ऐसा क्षेत्र हैं, जहां बाघ के आने की संभावना रहती है। माना जा रहा है कि उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से बाघ यमुना नदी को पार कर हिमाचल की सीमा में दाखिल हुआ होगा। यमुना नदी का जलस्तर कम होने के बाद हाथियों का झुंड भी हिमाचल की सीमा में दाखिल होता आया है। बड़ी बात यह है कि इस बार बाघ भी हिमाचल पहुंचा है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जिस क्षेत्र में बाघ का भोजन या शिकार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है, वहीं उसकी कदमताल होती है।
पांवटा साहिब में यमुना नदी और निजी क्षेत्र में बाघ के पग चिह्न मिले हैं। मौके पर वन्य प्राणी विंग टीम ने फुट प्रिंट भी उठाए हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। राजाजी पार्क से संपर्क किया है। सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क में भी कुछ ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं। कई वर्षों बाद पांवटा घाटी में बाघ के पग मार्क पाए गए हैं।
- कुणाल अंग्रीश, डीएफओ वन विभाग पांवटा साहिब