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रंगड़ों के काटने से तीन साल की बच्ची की मौत, मां-दादी आईजीएमसी रेफर
Fri, 18 Oct 2019 05:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करसोग (मंडी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करसोग (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 18 Oct 2019 05:35 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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उपमंडल की ग्राम पंचायत शाहोट के स्यानजली (जोड़) में एक ही परिवार के तीन लोगों पर रंगड़ों ने हमला कर दिया। इसमें 3 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि मां और दादी को आईजीएमसी रेफर किया गया है।
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जानकारी के अनुसार वीरवार शाम को करीब साढ़े पांच बजे मृतक शिवानी पुत्री सेवानंद घास काटने के लिए खेत में गईं अपनी मां और दादी के साथ थी। इस दौरान रंगड़ों ने अचानक तीनों पर हमला कर दिया, जिससे इन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। तीनों को ग्रामीणों ने पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया।
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इसके बाद निजी वाहनों में सिविल अस्पताल करसोग लाया गया। इस दौरान बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई। दोनों महिलाओं कौशल्या देवी (25) और रोशनी देवी (50) को प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि घटना का शिकार हुई बच्ची के पिता घर पर नहीं थे। वह सेब सीजन के लिए किन्नौर गए थे। उधर, करसोग थाना प्रभारी रंजन शर्मा ने बताया कि बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया है।
हर साल आते हैं रंगड़ों के काटने के मामले
करसोग में हर साल किसी न किसी क्षेत्र से रंगड़ों के काटने के कई मामले आते हैं। अक्तूबर में घास और फसल कटाई के सीजन में इस तरह के मामले सबसे अधिक होते हैं। घास और मक्की के कटाई के वक्त लोगों पर रंगड़ों के हमले का अधिक खतरा रहता है।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नहीं दी राहत
रंगड़ों के काटने से हुई बच्ची की मौत पर परिवार को प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं दी गई है। एसडीएम करसोग सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि रंगड़ों के काटने से हुई मौत पर राहत का कोई प्रावधान नहीं है। आवारा पशुओं, सांप के डसने और दुर्घटना में हुई मौत पर राहत राशि का प्रावधान है।