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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Three saplings will be planted instead of one tree cut on the construction of Bulk Drug Park

Himachal: बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए 400 हेक्टेयर भूमि पर 40,000 पेड़ चिन्हित

Sat, 19 Nov 2022 11:18 AM IST
Krishan Singh सुरेश बसन, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
सुरेश बसन, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Sat, 19 Nov 2022 11:18 AM IST
सार

हरोली के पोलियां बीत में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। आचार संहिता हटते ही धरातल पर निर्माण कार्य गति पकड़ेंगे। इसके निर्माण के लिए कटने वाले एक पेड़ के बदले तीन नए पौधे लगाए जाएंगे।

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Three saplings will be planted instead of one tree cut on the construction of Bulk Drug Park
पोलियां में बनेगा बल्क ड्रग पार्क - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली के पोलियां बीत में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। आचार संहिता हटते ही धरातल पर निर्माण कार्य गति पकड़ेंगे। इसके निर्माण के लिए कटने वाले एक पेड़ के बदले तीन नए पौधे लगाए जाएंगे। प्रस्तावित 1,405 एकड़ भूमि में काफी संख्या में छोटे-बड़े पेड़ पौधे हैं। यह भूमि उपायुक्त के अधिकार क्षेत्र में आती है। इस कारण यहां पेड़ कटान बड़ा रोड़ा नहीं बनेगा। हालांकि, सरकार एवं वन विभाग की अनुमति से ही पेड़ कटान होगा। निर्माण एजेंसी या वन विभाग 400 हेक्टेयर भूमि पर पेड़ कटान की प्रक्रिया पूरी करेगा। निर्धारित भूमि पर करीब 40,000 छोटे-बड़े पेड़ों की गणना की गई है। उधर, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक पेड़ काटने के बदले में तीन नए पौधे लगाए जाएंगे। बल्क ड्रग पार्क के निर्माण पर 1,923 करोड़ की लागत आएगी। इसमें राज्य सरकार करीब 923 करोड़ खर्च करेगी। 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। 

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बल्क ड्रग पार्क की भूमि पर हैं विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे
बल्क ड्रग पार्क की भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे हैं। 400 हेक्टेयर भूमि पर 40,000 पेड़-पौधों की गणना की गई है। अधिकांश पेड़-पौधे शीशम, खैर, कीकर, फलाई आदि प्रजातियों के हैं। इसके अलावा हरी-भरी झाड़ियां भी हैं। प्रदेश के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण का नुकसान न हो, इन बातों को ध्यान में रखकर प्रशासन सहित वन विभाग आगे बढ़ रहा है। कुल 1405 एकड़ भूमि में से सरकारी भूमि 1365.77 एवं निजी क्षेत्र में 39.64 एकड़ भूमि है। 
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बल्क ड्रग पार्क में यहां और इतनी भूमि पर स्थापित होंगी सुविधाएं: 
बल्क ड्रग पार्क 1,405 एकड़ भूमि पर दवा उद्योगों सहित औद्योगिक क्षेत्र 894.64 एकड़ यानी 63.68 प्रतिशत भूमि पर स्थापित होगा। 10.10 प्रतिशत 141.89 एकड़ भूमि को हरा-भरा, लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउस 39.2 हेक्टेयर, कॉमर्शियल प्लॉट 100.75 हेक्टेयर, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन 23.97 हेक्टेयर, सर्विसेज में फिलिंग स्टेशन, अग्निशमन, पुलिस स्टेशन, ट्रांसफर स्टेशन, अंडर ग्राउंड वाटर टैंक, कॉमन सोलवेंट स्टोरेज आदि के लिए 19.72 हेक्टेयर भूमि, प्रशासनिक, 50 कमरों का विश्राम गृह एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए 5.66 हेक्टेयर, रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर फार्मास्युटिकल एडवांस के लिए 6.8 हेक्टेयर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टीम जेनरेशन, सॉलिड बेस्ड मैनेजमेंट, सीईटीपी, रूटीम जेरनेशन के लिए 10.2 हेक्टेयर, स्टेप एवं सीईटीपी के लिए 13.07 हेक्टेयर, इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर, कोमांड, कंट्रोल सेंटर के लिए 6.17 हेक्टेयर, एडवांस लेबोरेटरी टेस्टिंग सेंटर 5.28 आदि सुविधाओं का निर्माण होगा। सड़कों का जाल 138.02 हेक्टेयर भूमि पर बिछेगा। 
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बल्क ड्रग पार्क में पेड़ कटान के लिए अनुमति अभी बाकी है। चुनाव संहिता हटने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बल्क ड्रग पार्क पर यह तय कर किया जाएगा हर पेड़ कटने के बदले तीन नए पेड़ लगाने होंगे।   - मृत्युंजय माधव, जिला वन अधिकारी, ऊना

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