फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   There was a stir in IGMC Shimla due to three cases of scrub typhus.

IGMC Shimla: आईजीएमसी शिमला में स्क्रब टायफस के नए तीन मामले, डॉक्टर हुए सतर्क

Fri, 21 Jul 2023 11:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 21 Jul 2023 11:26 PM IST
सार

आईजीएमसी शिमला में स्क्रब टायफस के मामले आना शुरू हो गए हैं। अस्पताल में शुक्रवार को तीन मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 

विज्ञापन
There was a stir in IGMC Shimla due to three cases of scrub typhus.
स्क्रब टाइफस(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में स्क्रब टायफस के मामले आना शुरू हो गए हैं। अस्पताल में शुक्रवार को तीन मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अस्पताल में एक दिन में एक साथ एकाएक तीन मामले आने के बाद डॉक्टर सतर्क हो गए हैं। फिलहाल स्क्रब टायफस के तीनों मरीजों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।

विज्ञापन


बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामले ज्यादा आते हैं। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है।
विज्ञापन


यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस का बुखार पैदा करता है। जुलाई में एक दिन में एक साथ तीन नए मामले आए हैं तो इसको लेकर अब अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। ओपीडी में बुखार और अन्य समस्या लेकर आए मरीजों के प्रति चिकित्सकों को खासा ध्यान देने के निर्देश प्रबंधन की ओर से जारी हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्क्रब टायफस के लक्षण दिखे तो तुरंत करवाएं टेस्ट
अस्पताल में स्क्रब टायफस से संबंधित लक्षणों को लेकर अगर किसी मरीज में गंभीर लक्षण दिखते हैं तो ओपीडी में जाकर चिकित्सक से जांच करवाकर टेस्ट करवाएं। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक वार्ड में भी उपलब्ध करवाया है। -डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी

बीमारी के लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक आ सकता है
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना
शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां आना

रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed