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देश की रीढ़ हैं किसान, जबरन न थोपें अध्यादेश: ग्रेट खली
Sun, 20 Sep 2020 08:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सुरेश तोमर, अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा साहिब (सिरमौर)
सुरेश तोमर, अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा साहिब (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 20 Sep 2020 08:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के गिरिपार निवासी और रेसलर दिलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने कहा कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। वह देश के हर किसान के साथ खड़े हैं। सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान सड़कों पर आ रहे हैं। किसानों पर जबरन कोई अध्यादेश थोपे गए तो ऐसे ही धरने-प्रदर्शन होंगे। रविवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में दिलीप सिंह राणा ने कहा कि किसान का बेटा हूं।
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किसानों के संघर्ष और जज्बातों को अच्छी तरह से समझ सकता हूं। केंद्र सरकार सोच समझकर कोई फैसला ले। पिछले 6 माह से कोरोना महामारी से हर वर्ग की तरह देश का किसान भी परेशान हैं। देश के मेहनतकश करोड़ों किसानों के प्रति रचनात्मक व सहानुभूतिपूर्ण रवैया ही अख्तियार होना चाहिए। किसानों के पक्ष में सोशल मीडिया में वीडियो शेयर की जा रही हैं।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार कृषि से जुड़े तीन अध्यादेश कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश, आवश्यक वस्तु (संशोधन) अध्यादेश तथा मूल्य आश्वासन तथा कृषि सेवाओं पर किसान समझौता अध्यादेश लोकसभा और राज्यसभा में पास हो गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे वन नेशन वन मार्केट को बढ़ावा मिलेगा, जबकि विरोध करने वाले पक्ष व किसानों का कहना है कि इससे केवल निजी कंपनियों को फायदा पहुंचेगा।
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