Solan News: हिमाचल सरकार को झटका, 22 को नहीं होगा नगर निगम सोलन का चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम की महापौर ऊषा शर्मा व पूर्व महापौर पूनम ग्रोवर की पार्षद की सदस्यता को समाप्त करने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के चुनाव करवाने के आदेश पर स्टे लगा दिया और प्रदेश सरकार, सोलन के उपायुक्त, एडीसी व अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
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नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा व पूर्व महापौर एवं पार्षद पूनम ग्रोवर की सदस्यता रद्द करने के मामले में प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं, जिससे अब 22 अगस्त को महापौर का चुनाव नहीं होगा।
इससे महापौर ऊषा और पार्षद पूनम को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के चुनाव करवाने के आदेश पर स्टे लगा दिया और प्रदेश सरकार, सोलन के उपायुक्त, एडीसी व अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। गौरतलब है कि सोलन नगर निगम के महापौर व उपमहापौर के दूसरे कार्यकाल के लिए 7 दिसंबर को चुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस के अधिकृत दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी के ही नाराज गुट की ऊषा शर्मा महापौर बन गईं और उपमहापौर भाजपा की मीरा आनंद बनीं।
हार के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने ऊषा, पूनम के अलावा पूर्व महापौर राजीव कौड़ा व पार्षद अभय शर्मा के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई के लिए नगर निगम कमिश्नर का शिकायत दी। कांग्रेस का आरोप था कि चुनाव के लिए इन चार पार्षदों ने पार्टी व्हीप का उल्लंघन किया, जिससे पार्टी हारी। सरकार ने उपायुक्त को जांच सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने 10 जून को महापौर ऊषा और पार्षद पूनम की सदस्यता को अयोग्य करार दे दिया। सरकार के इस आदेश को दोनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, वहां से राहत न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर ऊषा शर्मा व पूनम ग्रोवर ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। वे कांग्रेस की सच्ची सिपाही हैं।
हमें न्यायालय के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। कोर्ट के जोे निर्देश होंगे, उस पर अमल करेंगे- अजय यादव, एडीसी, सोलन