Himachal Politics: सुक्खू बोले- सीएम जयराम के नाम होगी सबसे ज्यादा कर्ज लेने की उपलब्धि, सत्ती ने किया पलटवार
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि जयराम सरकार जनता के लिए नहीं बल्कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर्ज ले रही है। चुनावी रैलियां करने पर सरकारी पैसे को उड़ाया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि जयराम सरकार जनता के लिए नहीं बल्कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर्ज ले रही है। चुनावी रैलियां करने पर सरकारी पैसे को उड़ाया जा रहा है। स्कूलों में शिक्षकों और स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भारी कमी है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सुक्खू ने कहा कि जयराम सरकार इस चुनावी साल में हर माह कर्ज ले रही है। आज-कल में सरकार 1,000 करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी में है। इससे पहले जुलाई में 1,000 करोड़ रुपये, अगस्त में 1,500 करोड़ रुपये, सितंबर में 2,500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कर्ज लेने की उपलब्धि के लिए याद रखा जाएगा। पहले की सरकारों ने कुल जितना कर्ज लिया है, उतना कर्ज अकेले जयराम सरकार अब तक ले चुकी है। हिमाचल का कुल कर्ज 70 हजार करोड़ से पार हो चुका है। जयराम सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव और हिमाचल स्थापना के भव्य समारोह कराकर अपनी पार्टी का प्रचार प्रसार करने का काम किया। इन आयोजनों पर 60-70 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन कार्यक्रमों से हिमाचल की जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। इन आयोजनों से लोगों को असुविधा का ही सामना करना पड़ा है। प्रत्येक आयोजन के लिए आसपास के डिपो और सब डिपो से एचआरटीसी की 250-300 बसें भेज कर इन रूटों को तीन दिनों तक बाधित करने का काम जयराम सरकार ने किया है।
अग्निहोत्री और प्रतिभा से पिछड़ रहे सुक्खू अब कुछ भी दे रहे बयान: सत्ती
हिमाचल प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि नेतृत्व की होड़ में मुकेश अग्निहोत्री और प्रतिभा सिंह से पिछड़ रहे पूर्व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू अब सुर्खियों में बने रहने के लिए कुछ भी बयान दे रहे हैं। पहले फोन पर टिकट बांट रहे थे और हो सकता है कि कल को व्हाट्सएप पर अपनी सरकार भी बनवाकर दिल को तसल्ली देने लगें। क्योंकि हिमाचल की जनता ने तय कर लिया है कि रिवाज बदलकर फिर से बीजेपी की सरकार बनानी है। सत्ती ने सुक्खू से सवाल पूछा कि वह वीरभद्र सरकार के दौरान वे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष थे। उन्होंने तब वीरभद्र सरकार को कर्ज लेने से क्यों नहीं रोका। मंगलवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में सत्ती ने कहा कि वीरभद्र सरकार में न तो कोविड महामारी थी, न ही उन्होंने जनकल्याण के लिए कोई योजनाएं चलाईं, न ही उन्हें कर्मचारियों को नया वेतनमान देना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने पांच वर्ष के दौरान जो 30 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, वह कहां खर्च किया। कहीं ऐसा तो नहीं कि ये रकम पेशियों के लिए वकीलों को देने के लिए खर्च कर दी गई थी। सत्ती ने कहा कि नेतृत्व और मुद्दाविहीन हो चुकी कांग्रेस पार्टी इतनी हताश हो चुकी है कि उसके नेता अपने छह बार के मुख्यमंत्री को ही कटघरे में खड़ा करने वाले बयान दे रहे हैं। सत्ती ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो वीरभद्र सरकार ने वर्ष 2012 से 2017 तक 29 हजार 522 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। जब वीरभद्र सरकार की विदाई हुई तो वे हिमाचल प्रदेश पर 47 हजार 906 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गए थे।