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Himachal: सांस से होगी मधुमेह की जांच, नहीं लगानी पड़ेगी सुई, आईआईटी मंडी ने एआई तकनीक से बनाया ग्लूकोमीटर

Tue, 05 Mar 2024 10:44 AM IST
Krishan Singh त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Tue, 05 Mar 2024 10:44 AM IST
सार

मधुमेह के टेस्ट के लिए अब अंगुली से खून का सैंपल देने की जरूरत नहीं रहेगी।

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Sugar can be tested by filling air in a balloon, IIT Mandi created non-invasive GlucoMeet with AI technology
आईआईटी मंडी ने एआई तकनीक से बनाया ग्लूकोमीटर - फोटो : संवाद

विस्तार

मधुमेह के टेस्ट के लिए अब अंगुली से खून का सैंपल देने की जरूरत नहीं रहेगी। मरीज के गुब्बारे में हवा भरेगा और पता चल जाएगा कि उसमें शुगर का स्तर कितना है। साथ ही ये डिवाइस हार्ट बीट, ब्लड प्रेशर, खून में ऑक्सीजन की मात्रा का भी पता लगाने में सक्षम होगा। इसके लिए श्वास को गुब्बारे में भरकर डिवाइस पर जांच के लिए लगाया जाता है। यह सब आईआईटी मंडी के शोधार्थियों के बनाए नए डिवाइस नॉन इनवेसिव ग्लूकोमीटर से संभव होगा। इसे बनाने में शोधार्थियों ने एआई (आर्टिफिशियल तकनीक) का उपयोग किया है, जो इस बीमारी की जांच के लिए बेहतर परिणाम दे रहा है।

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हाल ही में इस डिवाइस की सफलता को जांचने के लिए एम्स बिलासपुर से 550 रोगियों की श्वास के सैंपल एकत्रित किए गए और डाटा एकत्रित किया गया। इसके परिणाम बेहतर आए हैं। नई डिवाइस 98 प्रतिशत कारगर साबित हुई है। इस डिवाइस में आठ सेंसर लगाए गए हैं। इन सेंसर की मदद से डिवाइस रोगी की श्वास में पाए जाने वाले बोलेटाइल आर्गेनिक कंपाउंड को डिटेक्ट करके शुगर की बीमारी होने का पता लगाएगा। यह डिवाइस करीब दस हजार रुपये में मिलेगी।
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प्रोजेक्ट में ये शोधार्थी रहे शामिल
प्रोजेक्ट प्रमुख डॉ. वरुण दत्त ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह डिवाइस कारगर साबित होगा। इसके अलावा इस टीम में डॉ. रितु प्रोजेक्ट वैज्ञानिक, रितिक शर्मा, यशवंत राणा, शिवानी शर्मा सभी एमटेक के छात्र-छात्राएं हैं, जो प्रोजेक्ट एसोसिएट भी हैं। भविष्य में और बेहतर होंगे परिणाम, छोटी होगी डिवाइसशोधार्थियों की मानें तो इस डिवाइस के परिणाम सौ प्रतिशत बेहतर होंगे। इसके लिए वह और भी डाटा एकत्रित कर रहे हैं। इस डिवाइस को कहीं पर भी आसानी से ले जाया जा सकेगा। इसलिए इसे छोटा बनाया जाएगा। इस पर काम चल रहा है।
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