मास्क और सैनेटाइजर की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: जयराम
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हिमाचल सरकार सैनेटाइजर और मास्क की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगी। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि अभी तक राज्य में कोरोना वायरस के आठ संदिग्ध मामले पाए गए थे। उन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए राज्य और जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। हेल्पलाइन 104 पर भी लोग मदद ले सकते हैं। राज्य और जिला रैपिड प्रतिक्रिया टीमें किसी भी स्थिति से निपटने को तैनात हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, जबकि जिलास्तरीय अस्पतालों में अलग वार्ड की पहचान की गई है।
शिमला, मंडी और धर्मशाला में भी 50-50 बिस्तरों वाले क्वारेंटाइन सुविधा की पहचान की गई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में व्यक्तिगत संरक्षित उपकरण और एन-95 मास्क उपलब्ध हैं। लोगों में इस वायरस के बारे में जागरूकता के लिए कई कारगर उपाय किए जा रहे हैं।
हिमाचल में बसों को सैनेटाइज किया जा रहा है। विदेश से आने वाले सभी लोगों को क्वारेंटाइन पीरियड में रखा जा रहा है। प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की अपडेट ली जा रही है। प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 31 मार्च तक बंद हैं। मेलों, त्योहारों और खेलकूद प्रतियोगिताओं पर भी रोक है।
15 अप्रैल तक ब्रेथ एनालाइजर के इस्तेमाल पर रोक
कोरोना के संक्रमण से बचने को हिमाचल पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों की चेकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्रेथ एनालाइजर के इस्तेमाल पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
हालांकि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस मियाद के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने का मामला सामने आने पर आरोपी को अब सीधे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जाएगा। पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि वायरस के खतरे को देखते हुए यह निर्देश दिए गए हैं। इस मियाद को घटाया-बढ़ाया जा सकता है।
मास्क और सैनिटाइजर की जमाखोरी पर होगी सजा
प्रदेश सरकार ने मास्क और सैनिटाइजर को अनिवार्य वस्तुएं घोषित कर दिया है। अब कारोबारी और दवा विक्रेता इन वस्तुओं की जमाखोरी नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर कारोबारियों को सजा होगी। केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन करते हुए 2 और 3 परत वाले मास्क और एन-95 मास्क, सैनिटाइजर को अनिवार्य वस्तुएं घोषित किया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में यह आदेश 30 जून, 2020 तक लागू होेंगे।
कारोबारियों और दवा विक्रेताओं को लगानी होगी रेट लिस्ट
कारोबारियों और दवा विक्रेताओं को दुकानों के बाहर मास्क और सैनिटाइजर की रेट लिस्ट भी लगानी होगी। ऐसा न करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।