फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla: NGT rapped CS and DGP of himachal for illegal mining in Swan river

शिमला: स्वां नदी में अवैध खनन पर सीएस और डीजीपी को एनजीटी की फटकार

Tue, 03 Aug 2021 02:17 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 03 Aug 2021 02:17 AM IST
सार

एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों अपने स्तर पर संबंधित विभागों के साथ ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन करें। अगली वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दोनों अधिकारियों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए भी कहा गया है। 

विज्ञापन
Shimla: NGT rapped CS and DGP of himachal for illegal mining in Swan river
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(फाइल)

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित स्वां नदी में हो रहे अवैध खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने इस बात पर हैरानी जताई है कि जिला प्रशासन, पुलिस, खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, पर्यावरण विभाग, राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण आखिर कैसे पर्यावरण के नियमों के इस भीषण उल्लंघन को नहीं रोक पा रहे हैं। 

विज्ञापन


एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों अपने स्तर पर संबंधित विभागों के साथ ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन करें। अगली वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दोनों अधिकारियों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए भी कहा गया है। एनजीटी का कहना है कि आपराधिक के साथ यह एयर एक्ट, वॉटर एक्ट व पर्यावरण एक्ट का भी उल्लंघन है। अवैध खनन रोकने, खनन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, शामिल वाहनों को जब्त करने, उल्लंघन का आंकलन कर रिकवरी, लीज कैंसल करने और पर्यावरण को पहुंचे नुकसान को कम करने के लिए प्लान बनाने को कहा गया है। 
विज्ञापन


15 दिन में रणनीति बनाने के निर्देश
एनजीटी ने अगले पंद्रह दिन के भीतर एक बैठक कर रणनीति तैयार कर काम शुरू करने का समय भी निर्धारित किया है। प्रदेश के अमनदीप ने एक याचिका दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने स्वां नदी के चैनलाइजेशन के लिए 922 करोड़ रुपये जारी किए हैं। चैनलाइजेशन के बहाने राजनीतिक संरक्षण में खनन लाइसेंस के नाम पर अवैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर नदी के तट से बड़े पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। एनजीटी का कहना है कि राज्य पर्यावरण के संरक्षण के लिए ट्रस्टी हैं और उनका फर्ज है कि लोगों को साफ पर्यावरण दिलाए क्योंकि यह उनका सांविधानिक हक है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed