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शिमला के गुड़िया मामले की फिर से हो जांच: शांता
Sat, 07 Dec 2019 06:44 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 07 Dec 2019 06:44 PM IST
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शिमला के कोटखाई में बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने फिर से जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि इस मामले में फिर से जांच होनी चाहिए ताकि हिमाचल के माथे पर लगे कलंक को मिटाया जा सके। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गुड़िया के परिजनों को इंसाफ दिलाने की बात पर खुशी जताई है।
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शांता ने कहा कि इस मामले को लेकर एक योग्य अधिकारियों की टीम गठित की जाए। उन्हें विश्वास है कि हिमाचल में कई योग्य अधिकारी हैं और उनमें कुछ रिटायर भी हैं। उन अधिकारियों की मदद भी ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के ब्यान लेकर शक के दायरे में आए लोगों को गिरफ्तार किया जाए। जब मामले में बड़े पुलिस अधिकारी अंदर रह सकते हैं तो लोगों के शक में आए लोगों को क्यों नहीं गिरफ्तार किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई की जांच तो लोगों में मजाक बन कर रह गई है। मामले में साफ है कि इसमें बड़े लोगों को बड़े लोगों ने ही बचाया है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए इस मामले का भाजपा ने जम कर विरोध किया था, पार्टी सड़कों पर उतरी थी। लिहाजा, अब समय आ गया है कि इस मामले में फिर से जांच कर एक कोशिश करनी होगी।
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मामले के साक्ष्यों को भले ही मिटाया गया है, लेकिन हत्या के सबूत कहीं न कहीं मिल ही जाते हैं। उन्होंने भारत सरकार से भी कहा कि दुष्कर्म पर जल्द कानून बनना चाहिए। संसद चली हुई है, इसमें कानून पारित करना चाहिए। इसमें दुष्कर्म साबित होने पर छह माह के अंदर आरोपियों फांसी हो। शांता ने कहा कि पुलिस चाहे तो हैदराबाद जैसे अंजाम दे सकती है और चाहे तो गुड़िया मामले की तर्ज पर अपराधियों को बचा सकती है।