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बैठक में फैसला: आरएसएस के शताब्दी वर्ष के लिए भागवत ने हिमाचल को दिया चार साल का रोडमैप

Sat, 18 Dec 2021 10:49 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, कांगड़ा/शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, कांगड़ा/शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 18 Dec 2021 10:49 AM IST
सार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष से पहले शाखाओं को ग्राम पंचायतों के स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कांगड़ा के गुप्त गंगा में संगठन के अगले चार साल की योजनाओं का खाका तैयार किया। 

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Sarsanghchalak Dr. Mohan Bhagwat gave four-year roadmap to Himachal for the centenary year of RSS
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत(फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

वर्ष 2025 में मनाए जाने वाले अपने शताब्दी वर्ष से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रदेश में चार साल के रोडमैप पर काम करेगा। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष से पहले शाखाओं को ग्राम पंचायतों के स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कांगड़ा के गुप्त गंगा में संगठन के अगले चार साल की योजनाओं का खाका तैयार किया। यहां पर गोपनीय तरीके से बैठकें हुईं। इनमें अगले तीन साल में हिमाचल प्रदेश में भी कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज तैयार करने का संकल्प लिया गया। सूत्रों ने बताया कि सरसंघचालक ने शुक्रवार को संघ कार्यकर्ताओं को रोडमैप देते हुए इस पर काम करने को कहा। उन्होंने इसके टिप्स दिए कि शताब्दी वर्ष को कैसे मनाना है और किस तरह के अभियान चलाने हैं। भागवत ने संकेत दिए कि देश के अन्य प्रांतों के लिए भी इस तरह का रोडमैप तैयार किया गया है। 

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 शुक्रवार को एक औपचारिक सत्र सुबह 10 से दोपहर 12 तक चला और दूसरा दोपहर 3.30 से 4.30 बजे तक आयोजित हुआ। मोहन भागवत ने संगठन श्रेणी और जागरण श्रेणी की बैठकें लीं। इनमें प्रदेश भर से आए संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सरसंघचालक ने कांगड़ा की जिला टोली के पदाधिकारियों से भी चर्चा की। अनौपचारिक बैठकें तो लगातार होती रहीं। सूत्रों ने बताया कि सरसंघचालक ने स्वयंसेवकों से पूछा कि किस तरह के कार्यक्रम प्रदेश में चल रहे हैं। शताब्दी वर्ष तक ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को जोड़ने के बारे में निर्देश दिए। कार्यकर्ताओं को तन-मन-धन से समर्पित होने को कहा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में संघ के विस्तार के टिप्स दिए। सूत्रों के अनुसार सरसंघचालक ने विभिन्न कार्यक्रमों से कार्यकर्ता तैयार करने का आह्वान किया। इसमें कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों से अलग-अलग तबके के लोगों को संघ के साथ जोड़ा जाए। संघ की विचारधारा से अवगत कराया जाए।
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हिमाचल सरकार के कामकाज पर भी रहेगी नजर 
संघ की हिमाचल सरकार के कामकाज पर भी नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह नजर और पैनी होगी। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का हिमाचल का यह दौरा विधानसभा के चुनावी वर्ष से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा अपने मिशन रिपीट में कामयाब कैसे हो, सरसंघचालक की विभिन्न श्रेणियों के साथ मंत्रणा इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के स्वयंसेवक संघ के कई कार्यकर्ता सरकार के साथ बेहतर तालमेल बनाने का मुद्दा भी उठाते रहे हैं। कई मसलों पर समयबद्ध सुनवाई न होने की बातें भी उठती रही हैं। 
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राज्यपाल ने भागवत से की मुलाकात
कांगड़ा। प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शुक्रवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से विष्णु गिरि आश्रम कांगड़ा में भेंट की। लगभग आधा घंटा राज्यपाल और भागवत के बीच बंद कमरे में गुप्त मंत्रणा हुई। इसके बाद राज्यपाल पालमपुर के लिए रवाना हो गए। 

संगठनात्मक विस्तार, स्वतंत्रता आंदोलन और कट्टरपंथ के विषय होंगे मुख्य बिंदु

वहीं, वर्ष 2025 में मनाए जाने वाले शताब्दी वर्ष से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिमाचल प्रदेश में तीन बिंदुओं पर काम करेगा। इनमें बडे़ पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नए परिप्रेक्ष्य में सामने रखना और वैश्विक स्तर पर कट्टरपंथ से उत्पन्न खतरों से दुनिया में विमर्श का निर्माण करना मुख्य रूप से शामिल हैं।  इन बिंदुओं पर संगठन पूरी तैयारी के साथ काम करेगा। कोशिश यह की जाएगी कि अभी तक न्याय पंचायत स्तर तक मौजूद रहने वाली शाखाओं को ग्राम पंचायतों और गांवों के स्तर तक ले जाया जाए। इससे न सिर्फ संघ को विस्तार मिलेगा, बल्कि देश में बड़े पैमाने पर अपनी विचारधारा और राष्ट्रवाद को अपने नजरिये से दिखाया जा सकेगा।

यही वजह है कि लक्ष्य के साथ सभी को काम करने के लिए भी इन बैठकों में कहा जा रहा है। दूसरी ओर, राज्य में अगले साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस रोडमैप के जरिये संघ से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का लाभ सत्तारूढ़ भाजपा को भी गांव-गांव तक जुड़े स्वयंसेवकों से मिलेगा। सूत्रों के अनुसार बैठकों के दौरान हिमाचल प्रदेश में भाजपा अपने मिशन रिपीट में कामयाब कैसे हो, सरसंघचालक की विभिन्न श्रेणियों के साथ मंत्रणा इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
 
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