फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   sachin oberoi goshala for govansh in Nahan Sirmour Himachal Pradesh

उम्मीद की मशाल: घर, जमीन गिरवी रख बेसहारा गोवंश के लिए बनाई गोशाला

Mon, 12 Sep 2022 12:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 12 Sep 2022 12:24 PM IST
सार

गोशाला में एक मुस्लिम बशीर खान भी सचिन के साथ गोवंश की सेवा कर रहे हैं। उनको आर्थिक तंगी के चलते छह महीने से तनख्वाह तक नहीं दी गई। वह फिर भी सेवा में जुटे हैं। गोवंश का चारा भी उधारी में ही चल रहा है। लाखों का कर्ज हो चुका है, फिर भी सचिन की गोसेवा जारी है।

विज्ञापन
sachin oberoi goshala for govansh in Nahan Sirmour Himachal Pradesh
गोवंश की सेवा करते सचिन ओबरॉय। - फोटो : संवाद

विस्तार

सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खा रहे जिस निराश्रित गोवंश को आश्रय देने का कार्य सरकार और प्रशासन को करना चाहिए था। वह काम एकता कॉलोनी पांवटा के 33 वर्षीय सचिन ओबरॉय कर रहे हैं। सचिन ओबरॉय यूं तो स्कूल के समय से ही गोवंश संरक्षण की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं, लेकिन तीन साल से वह इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। गोवंश के संरक्षण के लिए सचिन ने अपना घर और जमीन गिरवी रखकर बहराल में पांच बीघा जमीन पर गोशाला बनाई है।

विज्ञापन


इसमें अभी 70 निराश्रित गोवंश को आश्रय दिया है। गोवंश को संरक्षण देने के कारण वह 50 लाख के कर्ज में हैं। सचिन के घर में उनके पिता हरभजन, माता मीना, पत्नी शालू और एक कम उम्र का बेटा है। गोशाला निर्माण के लिए जब घर व जमीन गिरवी रखने की बात आई तो उन्होंने भी अपने बेटे का ही साथ दिया। आज सचिन सड़कों पर घूम-घूम कर बीमार गोवंश को इलाज भी दे रहे हैं। खुद ही बीमार पशुओं को इंजेक्शन लगाते हैं। डॉक्टर से सलाह भी लेते हैं। पशु ज्यादा बीमार हो तो गोशाला में ले जाते हैं। 
विज्ञापन


गोशाला में एक मुस्लिम बशीर खान भी सचिन के साथ गोवंश की सेवा कर रहे हैं। उनको आर्थिक तंगी के चलते छह महीने से तनख्वाह तक नहीं दी गई। वह फिर भी सेवा में जुटे हैं। गोवंश का चारा भी उधारी में ही चल रहा है। लाखों का कर्ज हो चुका है, फिर भी सचिन की गोसेवा जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सचिन, गोवंश के लिए चल रही लड़ाई को अधूरा नहीं छोड़ना चाहते। वह चाहते हैं सिरमौर की सड़क पर ठोकरें खा रहे हर पशु को संरक्षण मिले। इसके लिए वह इन दिनों पांवटा में धरने पर हैं। इससे प्रशासन व सरकार के हाथ पैर फूले हुए हैं। सचिन का कहना है कि सरकार ने 2019 गो सेवा आयोग बनाया है। इसमें भर्ती कर्मचारियों को भारी-भरकम वेतन दे रही है।


शराब की हर बोतल पर दो रुपये का टैक्स गो सेवा के नाम पर वसूला जा रहा है। सरकारी मंदिरों की कमाई का 15 प्रतिशत पैसा गोसेवा के नाम पर लिया जा रहा है। ऐसे गोवंश सड़कों पर दर-दर की ठोकरें क्यूं खा रहा है। सचिन ओबराय पांवटा में गोवंश संरक्षण को लेकर धरना शुरू कर चुके हैं। उनका कहना है कि जब तक सिरमौर की सड़क पर एक भी गाय रहेगी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed