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Liquor Quality check: होलोग्राम और क्यूआर कोड से चेक होगी शराब की गुणवत्ता, विभाग ने आमंत्रित किए टेंडर

Tue, 07 Nov 2023 11:08 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 07 Nov 2023 11:08 AM IST
सार

जनवरी 2024 से होलोग्राम और क्यूआर कोड से शराब की गुणवत्ता को जांचा जाएगा। कर एवं आबकारी विभाग ने शराब की बोतलों पर होलोग्राम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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Quality of liquor will be checked with hologram and QR code, tenders invited from State Electronics Corporatio
शराब (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश में जनवरी 2024 से होलोग्राम और क्यूआर कोड से शराब की गुणवत्ता को जांचा जाएगा। कर एवं आबकारी विभाग ने शराब की बोतलों पर होलोग्राम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।होलोग्राम तैयार करने के लिए राज्य इलेक्ट्रिानिक्स कारपोरेशन ने कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए हैं। वर्ल्ड बैंक के वित्त पोषित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के तहत प्रदेश में इस नई व्यवस्था को शुरू करने की तैयारी है। नए साल से हिमाचल में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर क्यूआर कोड से लिंक होलोग्राम लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। प्रदेश में बेची जाने वाली एक-एक बोतल का हिसाब रखने के लिए सरकार ने ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम शुरू किया है। इसी कड़ी में अब होलोग्राम को क्यूआर कोड से लिंक करने की कवायद शुरू की गई है।

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होलोग्राम और क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन कर शराब की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकेगा। प्रदेश में शराब की शुद्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने ये निर्णय किया है। शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड विद होलोग्राम ट्रेक लगाकर बेचना अनिवार्य किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शराब के बॉटलिंग प्लांट से निकलने वाली हर बोतल पर सिक्योरिटी होलोग्राम, क्यूओर कोड और शराब के बॉक्स पर बार कोड होगा। प्लांट से बार कोड को रीड करने के बाद शराब की पेटियों को बाहर भेजा जाएगा। गोदाम पहुंचने के बाद शराब की पेटियों के बार कोड को दोबारा स्कैन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि शराब को सही डिपो पर पहुंचाया गया है। इन्हीं पेटियों को जब रिटेल शॉप पर भिजवाया जाएगा तब भी इनके बैच नंबर से यह पता चल सके कि कौन सी शराब की पेटी या बोतल किस रिटेल स्टोर या दुकान पर गई है।
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शराब खरीदने वाले लोग भी ठेकों पर बोतल के क्यूआर कोड और होलोग्राम को अलग-अलग स्कैन कर शराब की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे। स्कैन करने पर पता चलेगा कि शराब कहां और किस तारीख को बनी है। विभाग की इस नई व्यवस्था से नकली शराब की धरपकड़ हो सकेगी। आबकारी आयुक्त डाॅ. युनूस ने बताया कि वैध शराब बिकने से सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। बाहरी क्षेत्रों से प्रदेश में लाई जाने वाली अवैध शराब की सप्लाई को रोकने के लिए इस व्यवस्था को शुरू करने का फैसला लिया है।
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