फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   PWD's multi task workers become clerks in offices, know the whole matter

हिमाचल: पीडब्ल्यूडी के मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों में बने बाबू, जानें पूरा मामला

Wed, 02 Oct 2024 10:46 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Oct 2024 10:46 AM IST
सार

प्रदेश में हर काम के लिए रखे मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों के बाबू ही बन गए हैं। ये फील्ड में काम के लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं। 

विज्ञापन
PWD's multi task workers become clerks in offices, know the whole matter
हिमाचल लोक निर्माण विभाग। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में हर काम के लिए रखे मल्टी टास्क वर्कर दफ्तरों के बाबू ही बन गए हैं। ये फील्ड में काम के लिए ज्यादा वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे सड़काें, भवनों आदि के निर्माण कार्यों में उनकी मदद नहीं मिल पा रही है। वजह यह है कि कार्यालयों के कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। ऐसे में इनसे चाय बनाने से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक का काम लिया जाने लगा है।

विज्ञापन


फील्ड के काम के लिए कम समय निकाल पाने की एक शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में भी पहुंची है। इसमें कोटखाई और दूसरे मंडलों के उदाहरण दिए गए हैं। इस पर लोक निर्माण विभाग से वस्तुस्थिति पर रिपोर्ट तलब करने की तैयारी है। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के हर मंडल में स्टाफ की कमी है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों के पास दो-दो मंडलों का भी काम है या फिर एक से अधिक उपमंडलों या अनुभागाें में नियुक्ति दी गई है। ऐसे में इनकी जगह मल्टी टास्क वर्कराें से काम लिया जा रहा है।  

विज्ञापन

हजार मल्टी टास्क वर्कर्स प्रदेश में नियुक्त 
लोक निर्माण विभाग में लगभग 4 हजार मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति की गई है। इन्हें 4500 रुपये का मासिक मानदेय मिलता है। विभाग के काम को गति देने के लिए इनकी नियुक्ति की गई है। कई जगह तो श्रमिकों की कमी होने पर इन्हें नालियां साफ करने का भी काम दिया गया। इसी तरह से फील्ड में सड़क निर्माण में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद करने के भी इन्हें तैनात किया गया। 

क्या काम लेना है यह निश्चित नहीं 
मंडल में करीब 50 मल्टी टास्क वर्कर्स नियुक्त हैं। उनकी जहां जरूरत होती है, वहां नियुक्त किया जाता है। इनसे क्या काम लिया जाना है, इसे निश्चित नहीं किया गया है। इनसे कोई भी काम लिया जा सकता है। इनसे कार्यालय में भी सहयोग लिया जाता है।-अखिल चौहान, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी कोटखाई  
 

विज्ञापन

ले सकते हैं कोई भी काम 
जहां स्टाफ की कमी है, वहां मल्टी टास्क वर्कर्ज की नियुक्ति की है। इनसे विभाग कोई भी काम ले सकता है। अगर इन्हें कार्यालयों में ज्यादा नियुक्त किया गया है तो इसका पता किया जाएगा और उचित कदम उठाया जाएगा। -नरेंद्र पाल सिंह, प्रमुख अभियंता, पीडब्ल्यूडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed