{"_id":"623db2683eae2d22322ac14a","slug":"public-works-department-target-of-tarring-2000-km-of-roads-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक निर्माण विभाग: हिमाचल में 2000 किलोमीटर सड़कों की टारिंग का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक निर्माण विभाग: हिमाचल में 2000 किलोमीटर सड़कों की टारिंग का लक्ष्य
Sat, 26 Mar 2022 12:09 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 26 Mar 2022 12:09 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष 2000 किलोमीटर सड़कों की टारिंग होगी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने टारिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। अगस्त तक क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक किया जाना है।
विज्ञापन
सड़कों की टारिंग(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष 2000 किलोमीटर सड़कों की टारिंग होगी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने टारिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। अगस्त तक क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक किया जाना है। सरकार ने टेंडर करने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशासी अभियंता टारिंग के समय फील्ड में तैनात रहेंगे। टारिंग में गड़बड़ी पाई जाने पर ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के चलते लोक निर्माण विभाग को 156 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल्लू, शिमला, चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में कई सड़कें गड्ढों में तबदील हो गई हैं। पत्थर और मलबा आने से कई सड़कें टूट गई हैं।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग को लोगों की आवाजाही के लिए संपर्क मार्ग निकालने पड़े हैं। सड़कों से बर्फ हटाने के लिए मशीनरी लगाई गई। इससे भी सड़कों की टारिंग उखड़ी है। हिमाचल में अब मौसम साफ हो गया है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य जिलों के शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री से ज्यादा है। यह तापमान टारिंग के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुभाशीष पांडा ने कहा कि दो हजार किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जानी है। लक्ष्य इसलिए ज्यादा रखा गया है कि बीते वर्ष सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। इसके लिए अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की गई है।
विज्ञापन