निजी विश्वविद्यालयों को 10 दिनों में लौटाने होंगे असली प्रमाणपत्र
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि दाखिले के समय विद्यार्थियों के स्वयं सत्यापित फोटोस्टैट प्रमाण पत्र ही लिए जाएं। दसवीं और बारहवीं कक्षा के असल प्रमाणपत्र कोई संस्थान अपने पास न रखें।
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विद्यार्थियों के असली प्रमाणपत्र अपने पास रखने वाले निजी विश्वविद्यालयों को दस दिनों के भीतर प्रमाणपत्र लौटाने होंगे। राष्ट्रीय अनुुसूचित जाति आयोग के नोटिस के बाद राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सख्ती कर दी है। सभी निजी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को पत्र जारी कर प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमाणपत्र वापस करने के बाद आयोग को भी ऐसे विद्यार्थियों की सूची देने को कहा गया है। प्रमाणपत्र नहीं लौटाने वाले निजी विश्वविद्यालयों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि दाखिले के समय विद्यार्थियों के स्वयं सत्यापित फोटोस्टैट प्रमाण पत्र ही लिए जाएं। दसवीं और बारहवीं कक्षा के असल प्रमाणपत्र कोई संस्थान अपने पास न रखें। असल प्रमाण पत्र सिर्फ स्वयं सत्यापित दस्तावेज चेक करने के लिए ही देखे जाएं। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने सभी निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के असल प्रमाण पत्र अपने पास रख उन्हें धमकाने का प्रयास न किया जाए। इस तरह की कार्रवाई करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऊना के एक निजी विवि का सामने आया था मामला
बीते दिनों जिला ऊना स्थित एक निजी विश्वविद्यालय की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति छात्रवृत्ति योजना के तहत कई विद्यार्थियों के असली प्रमाणपत्र अपने पास ही रखने का मामला सामने आया। आयोग की अदालत ने इस विवि को निर्देश देते हुए प्रमाणपत्र लौटाने को कहा था। इसी बीच मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के संज्ञान में भी आया है। आयोग की ओर से बीते दिनों शिक्षा सचिव सहित आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर इस मामले को देखने को कहा है। इसके चलते ही अब आयोग ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को दस दिन के भीतर विद्यार्थियों को अपने असली प्रमाणपत्र वापस देने को कहा है।