फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   President Draupadi Murmu said- HPU should promote research keeping in mind the ecological challenges

Shimla: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- पारिस्थितिकीय चुनौतियों को ध्यान में रख शोध को बढ़ावा दे एचपीयू

Wed, 19 Apr 2023 08:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Apr 2023 08:50 PM IST
सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  ने कहा कि अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध शिमला में अध्ययन करना आप सबके लिए सुखद अनुभव रहा होगा। देश के कई भागों में अचानक ठंड बढ़ने पर लोग अक्सर आम बोलचाल में कहते हैं कि आज मौसम शिमला की तरह हो गया है। 

विज्ञापन
President Draupadi Murmu said- HPU should promote research keeping in mind the ecological challenges
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 26वें दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दस विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान करने के बाद दिए दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि इस सुंदर कैंपस में आप सभी के बीच आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि दीक्षांत समारोह आपके माता-पिता, प्रियजनों और सभी शिक्षकों के लिए भी विशेष महत्व रखता है, वे भी बधाई के पात्र हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध शिमला में अध्ययन करना आप सबके लिए सुखद अनुभव रहा होगा। देश के कई भागों में अचानक ठंड बढ़ने पर लोग अक्सर आम बोलचाल में कहते हैं कि आज मौसम शिमला की तरह हो गया है। हालांकि आज जलवायु परिवर्तन का प्रभाव इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर भी पड़ रहा है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह कर्तव्य है कि वह स्थानीय समुदाय की जरूरतों और इस क्षेत्र के पारिस्थितिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर शोध और अनुसंधान को बढ़ाव दें।

विज्ञापन


समारोह में कुल 210 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित हुए विद्यार्थियों में 111 गोल्ड मेडल और 99 पीएचडी डिग्री प्रदान की गई। पीएचडी डिग्री पाने वालों में 59 छात्राएं और और 40 छात्र थे। वहीं गोल्ड मेडल पाने वाले 11 विद्यार्थियों में 34 छात्रा और 77 छात्राएं शामिल रहीं। वर्ष 1970 में स्थापित विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। यहां के पूर्व छात्रों ने कला, चिकित्सा, न्यायपालिका, खेल-कूद, समाज सेवा, राजनीति और प्रशासन में अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल तप और त्याग तथा अध्यात्म और धर्म की पावन भूमि है। इसने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत वीरों को जन्म दिया है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल से विशेष लगाव रहा। हिमालय का यह क्षेत्र, जीव-जंतुओं और विभिन्न प्रकार की समृद्ध वनस्पतियों से भरपूर है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी को देखकर उन्हें खुशी होती है। देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ाने में महिलाएं अहम भूमिका निभाएंगी। इसके लिए महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना पहला कदम है।
विज्ञापन


पुरस्कृत होने वाली 70 फीसदी छात्राओं को देख हुआ गर्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि एचपीयू में पढ़ रहे लगभग एक लाख विद्यार्थियों में से 70 प्रतिशत लड़कियां हैं और दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल, पीएचडी डिग्री पाने वाली और उनके हाथों सम्मानित होने वाले दस विद्यार्थियों में सात छात्राएं थीं। बेटियों की इस प्रतिभा को देखकर मुझे गर्व होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा और छात्रावास की सुविधा दे रहा है, यह सराहनीय पहल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में और तेज गति से बढ़ते हुए नए मापदंड स्थापित करें हिमाचल के किसान
राष्ट्रपति ने कहा कि हिमाचल के किसान प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में और तेज गति से आगे बढ़ कर नए मापदंड स्थापित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में मुझे हिमाचल प्रदेश के नेक राम शर्मा को पद्म श्री से सम्मानित करने का अवसर मिला, जो कई दशकों से किसानों को रसायन मुक्त खेती करने और बीजों की पारंपरिक किस्में अपनाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। विश्वविद्यालय भी इस दिशा में शोध अनुसंधान , नवाचार कर टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों से उपयोगी तकनीक उपलब्ध कराएं।


विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास को जरूरी शिक्षा प्रदान करेगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति
 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शब्दों में शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 21वीं सदी के विद्यार्थियों के समग्र और बहुआयामी विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उदेश्य से बनाई गई है। संविधान में कहा गया है कि यह हर नागरिक का मूल कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण यानी, मानव-वाद, ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना यानी का विकास करे। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी अपने निजी लक्ष्यों को राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़े और अपने चुने हुए क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देश के विकास में अपना योगदान दें। आज देश में अनेक युवा स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं, सफलता के शानदार प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। नवाचार ही स्टार्टअप की मुख्य विशेषता है। राष्ट्रपति भवन में हुए फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन एंड उद्यमिता में जमीनी स्तर पर इनवोटर पुरस्कृत किया गया। इसमें युवाओं की प्रतिभा देखने को मिली। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने भी इन क्यूबेशन सेंटर स्थापित करके युवाओं में उद्यमिता पैदा करने का बेहतर प्रयास किया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed