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प्रधानमंत्री आवास योजना: भांबला पंचायत में ढहे मकान में तिरपाल लगाकर रह रहा परिवार
Mon, 12 Jul 2021 12:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर
त्रिपुरारी सांख्यान, अमर उजाला नेटवर्क, सरकाघाट (मंडी)
त्रिपुरारी सांख्यान, अमर उजाला नेटवर्क, सरकाघाट (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:40 PM IST
सार
भांबला पंचायत की प्रधान सुनीता ने कहा कि सरकार और प्रशासन से दो सालों के बाद भी पैसा नहीं मिलता है तो प्रभावित परिवार की मदद कैसे की जा सकती है।
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टूटे हुए घर में तिरपाल लगाकर रह रहा परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान मंजूर होने के बाद भी भांबला पंचायत का एक परिवार टूटे हुए घर में रहने को मजबूर है। दो साल पहले मकान ढह गया है, उसमें तिरपाल लगाकर यह परिवार गुजारा कर रहा है। भदरोल गांव का बुद्धि सिंह अपने तीन बच्चों, पत्नी और बूढ़ी मां के साथ रह रहा है। भांबला पंचायत ने बुद्धि सिंह के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान मंजूर तो कर दिया लेकिन धनराशि उपलब्ध नहीं करवाई।
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अब ऐसे में मकान कैसे बन सकता है। बुद्धि सिंह की इतनी हैसियत भी नहीं कि वह अपने मकान की मरम्मत करवा सके। टूटे हुए मकान में रहने को मजबूर बुद्धि सिंह ने कहा कि उसकी इतनी हिम्मत नहीं कि वह मकान बना सके। पंचायत कहती है कि मकान के लिए सरकार ने पैसा मंजूर कर लिया है। अब तक उसे न पैसा मिला और न ही मकान बन सका। सरकार और प्रशासन से भी उसका विश्वास उठ चुका है।
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उसने अफसोस जाहिर किया कि सरकार और प्रशासन को यह पता नहीं कि उसका मकान क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसमें रहना खतरे से खाली नहीं है। गोपालपुर खंड विकास अधिकारी तिवेंद्र चनौरिया ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। मामले की छानबीन की जाएगी और पंचायत नुमाइंदों से भी रिपोर्ट ली जाएगी। उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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भांबला पंचायत की प्रधान सुनीता ने कहा कि सरकार और प्रशासन से दो सालों के बाद भी पैसा नहीं मिलता है तो प्रभावित परिवार की मदद कैसे की जा सकती है। बुद्धि सिंह का मकान कब से गिर चुका है मगर आज तक उसे बनाने के लिए राशि नहीं मिली है। उन्होंने सरकार से तुरंत मकान के लिए राशि देने की मांग उठाई है।
मामले की जांच की जाएगी। उसके बाद नियम के अनुसार हरसंभव मदद की जाएगी। - अरिंदम चौधरी, डीसी मंडी