सीढ़ियां उतरने-चढ़ने और स्पीड ब्रेकर से पैदा होगी बिजली, दो छात्राओं ने तैयार किया मॉडल
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सीढ़ियां उतरने-चढ़ने और स्पीड ब्रेकरों से भी अब बिजली पैदा होगी। रैक एंड पिनियन मेकेनिज्म तकनीक से ऐसी बिजली तैयार करने का दावा किया है बीबीएमबी के बीएसएल सीसे स्कूल की दो छात्राओं ने अपने तैयार किए गए एक मॉडल से। इस मॉडल को एक स्कूल की प्रदर्शनी में पहला स्थान मिला है। यह तकनीक भविष्य में देशभर में बिना सोलर और हाइडल सिस्टम के बिजली पैदा करने के लिए कारगर हो सकती है। इस तकनीक में स्पीड ब्रेकर व फुट स्टेप से विद्युत उत्पादन होगा।
शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों में जहां स्पीड ब्रेकर होते हैं, वहां इसका उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे रेलवे स्टेशन या स्थान जहां सीढ़ियों पर बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता हो, वहां इस तकनीक से विद्युत उत्पादन हो सकता है। बीएसएल स्कूल की जमा एक कक्षा की छात्रा बासु और कक्षा दसवीं की कृतिका ने अपने रैक एंड पिनियन मेकेनिज्म के आविष्कार पर कहा कि देश के हाईवे पर टोल प्लाजा पर रैक एंड पिनियन मेकेनिज्म से पावर जेनरेशन का दिन-रात काम करने वाला यह नया प्रोजेक्ट है।
विज्ञान प्रदर्शनी में किया गया मॉडल का प्रदर्शन
गाड़ियों की बढ़ती संख्या से यह तकनीक और कारगर होगी। छात्राओं ने कहा कि इसी तर्ज पर उन्होंने रैक एंड पिनियन मेकेनिज्म पर फुट स्टेप पावर जेनरेशन तैयार किया है, इसे हम वहां पर लगा सकते हैं, जहां सीढ़ियां होती हैं। जैसे-जैसे लोग सीढ़ियों पर चलेंगे, वैसे ही इस सिस्टम की मदद से विद्युत उत्पादन होगा।
छात्राओं ने इस मॉडल का प्रदर्शन सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना की ओर से महावीर पब्लिक स्कूल सुंदरनगर में आयोजित विज्ञान प्रतियोगिता साइंसटिबल-2020 में किया। इसमें मंडी जिले की विभिन्न प्रतिष्ठित पाठशालाओं ने भाग लिया और मॉडल प्रदर्शित किए। बीएसएल स्कूल के प्रधानाचार्य डा. एमआर गौतम ने छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए इसका श्रेय सकारात्मक वातावरण और विज्ञान अध्यापकों की मेहनत और बच्चों की अनुशासनात्मक प्रवृत्ति को दिया।