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हिमाचल: सस्ती बिजली से सरकार ने 5 बड़े वर्गों के लिए लुभाने की बिछाई चुनावी बिसात
Fri, 01 Apr 2022 11:18 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 01 Apr 2022 11:18 AM IST
सार
अब अप्रैल 2022 से एक माह के दौरान साठ यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को कोई बिल जारी नहीं होगा। इनसे मीटर रेंट भी नहीं लिया जाएगा। 125 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को एक रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएंगे।
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बिजली का बिल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिजली के बहाने प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिसात बिछा दी है। बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली दरों को न बढ़ाकर सरकार ने बड़ी राहत दी है। गो सदनों, गो अभ्यारणों और सेना प्रतिष्ठानों को सस्ती बिजली दरों के दायरे में लाकर चुनावी वर्ष में रिझा दिया है। बुधवार को जारी हुए बिजली टैरिफ में आम आदमी पार्टी की नीतियों के दबाव का भी रंग दिख रहा है।
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वर्ष 2020 में कोरोना संकट के दौरान सरकार ने बिजली की खपत के अनुसार सब्सिडी तय की है। अधिक बिजली खपत करने पर सब्सिडी की राशि बड़े स्लैब में कम होती है। इसके चलते आयोग ने बीते दो वर्षों के दौरान दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 25 जनवरी को प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर मुख्यमंत्री ने कम बिजली प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दरें कम करने की घोषणा की थी। इस घोषणा को नियामक आयोग ने मंजूरी दे दी है।
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अब अप्रैल 2022 से एक माह के दौरान साठ यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को कोई बिल जारी नहीं होगा। इनसे मीटर रेंट भी नहीं लिया जाएगा। 125 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को एक रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएंगे। सरकार के इस फैसले से करीब 11 लाख घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
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इसके अलावा प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लगातार तीसरे वर्ष में उद्योगों को दी जाने वाले बिजली महंगी नहीं की है। इस वर्ष के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में सरकार ने प्रदेश के बड़े वर्ग को महंगाई के इस दौर में बिजली दरें ना बढ़ाकर बड़ी राहत दी है।