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हिमाचल: टीसीपी में योजना अनुमतियों का किया जाएगा सरलीकरण, विभाग ने विकसित किया वेब पोर्टल
Fri, 27 Oct 2023 07:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 27 Oct 2023 07:57 PM IST
सार
प्रदेश के योजना क्षेत्रों के विनियमित विकास और लोगों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर (विकास नियंत्रण विनियम) क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है।
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नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोगों को राहत देने के लिए प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन ने नियमों में बदलाव किए हैं। प्रदेश के योजना क्षेत्रों के विनियमित विकास और लोगों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर (विकास नियंत्रण विनियम) क्षमता के साथ विकसित किया जा रहा है। इससे योजना अनुमति के लिए प्रस्तुत नक्शों की कंप्यूटरीकृत स्कैनिंग होगी। ऑटो डीसीआर एकमुश्त रिपोर्ट भी तैयार करेगा। आवेदक से संबंधित कमियों को जान सकेंगे और इनमें सुधार भी कर सकेंगे।
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि इस वेब पोर्टल को ऑटो डीसीआर क्षमता के साथ विकसित करने का कार्य शीघ्र ही पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित गया है। इसमें पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर आवासीय उपयोग के लिए विकास अनुमति देने का कार्य भी शामिल है। सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में आवेदकों के आवागमन को सीमित करने के दृष्टिगत पंजीकृत निजी पेशेवरों के लिए अधिसूचित मानक संचालन प्रक्रिया जल्द ही विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में शामिल करने के पश्चात शुरू कर दी जाएगी। यह केवल 500 वर्गमीटर के भू-खंडों के आवासीय उपयोग के लिए सभी अधिसूचित योजना, विशेष क्षेत्रों और शहरी स्थानीय निकायों में विकास की अनुमति के लिए मान्य होगी।
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प्रदेश में फोरलेन के आसपास नियोजित एवं विनियमित विकास के दृष्टिगत फोरलेन योजना क्षेत्र का गठन भी किया गया है। फोरलेन योजना क्षेत्र में परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग, किरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी राजमार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अटल सुरंग के उत्तरी पोर्टल में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम-1977 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे सुरंग के संचालन के कारण संभावित अनाधिकृत और अनियोजित विकास गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत पहुंचाने के एटिक के आवासीय उपयोग का भी प्रावधान किया है। इस संशोधन से भवनों के भीतर उपलब्ध स्थान में प्रभावी रूप से बढ़ोतरी होगी। साथ ही अतिरिक्त मंजिलें बनाने में लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ भी मिल सकेगा।
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