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पेंशनरों को अगले आदेश तक नया जीवित प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं
Sun, 12 Sep 2021 12:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 12 Sep 2021 12:24 PM IST
सार
राज्य में अगले आदेश तक पिछले वित्त वर्ष का ही जीवन प्रमाणपत्र चलेगा। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने सभी जिला कोषाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई पेंशनर इसके बावजूद कोषागार में पहुंचकर अपना जीवन प्रमाणपत्र देने आता है तो इसे स्वीकार कर जमा किया जाए।
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पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र( फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पेशनरों को अगले आदेश तक खुद के जिंदा होने का नया प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। राज्य में अगले आदेश तक पिछले वित्त वर्ष का ही जीवन प्रमाणपत्र चलेगा। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने सभी जिला कोषाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई पेंशनर इसके बावजूद कोषागार में पहुंचकर अपना जीवन प्रमाणपत्र देने आता है तो इसे स्वीकार कर जमा किया जाए।
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प्रदेश में पेंशनरों को हर साल अपना जीवन प्रमाणपत्र कोषागारों में जमा करना होता है। हाल ही में कोेरोनाकाल को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने यह तय किया है कि जिन पेंशनरों ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का जीवन प्रमाणपत्र कोषागारों मेें जमा किया है, उन्हें वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी इसे जमा करने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा आगामी आदेशों तक किया जा सकेगा। इस संबंध में कहा जाता है कि अगर कोई नया प्रमाणपत्र देने के लिए भी कोषागार कार्यालय आता है तो उसे मंजूर किया जाए या इसे प्रमाणित किया जाए। यह चिट्ठी अतिरिक्त निदेशक कोष ने आगे सभी जिला कोषाधिकारियों को जारी की है।
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