हिमाचल विधानसभा सत्र: विपक्ष के वॉकआउट पर सीएम जयराम ने ये कहा
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विपक्ष के वॉकआउट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि पिछले सत्रों से ही विपक्ष का गैर जिम्मेदाराना रवैया देखा जा रहा है। इसका उन्हें बहुत खेद और पीड़ा है। कुछ सरकारों की काम करने की नीति नहीं होती है। वे सत्ता को उपभोग की वस्तु मान लेती हैं। ऐसी ही पिछली कांग्रेस सरकार रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की अपनी कार्यशैली में गड़बड़ी रही है, इसीलिए ये उंगली उठा रहे हैं।
पिछली कांग्रेस सरकार ने निवेश लाने के नाम पर मुंबई, हैदराबाद में रोड शो किए। ये चार धाम कर आ गए, मगर इनके रोड शो बेनतीजा रहे। जयराम ने कहा कि खुद पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी हिमाचल में की गई इन्वेस्टर मीट के बारे में जानकारी चाही है। पंजाब के अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़ में जहां भी कांग्रेस सरकारें रही हैं, वहां भी इस तरह के आयोजन हुए हैं।
जहां धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट हुई है, वहां कांग्रेस की जमानत जब्त हुई है। हिमाचल ने तो मीट करवाने से पहले बाकी राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां आकर खुद को हिमाचली बताकर करीब 200 विदेशियों और 2000 प्रतिभागियों को संबोधित किया। इन्वेस्टर मीट के लिए 12 करोड़ केंद्र सरकार ने दिए। देश भर में जितनी भी इन्वेस्टर मीट हुईं, उनमें उसे सबसे कम खर्च हिमाचल में ही हुआ है।
जिस तरह की इनकी भाषा, वह देवभूमि की नहीं
सीएम ने सदन में मुकेश अग्निहोत्री का नाम लिए बगैर कहा, जिस तरह इनकी भाषा है, वैसी देवभूमि की नहीं रही है। वह चाहें तो खुद भी इसी तरह से इसका जवाब दे सकते हैं, मगर ऐसा नहीं करेंगे। शालीनता में रहकर बात होगी और ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।
तीन साल में 4423.76 करोड़ का नुकसान : सीएम
गत तीन साल में 1 जुलाई 2019 तक प्रदेश में भारी बारिश से 4423.76 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया। नुकसान की भरपाई को केंद्र सरकार से 1323.57 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई। गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर और सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लिखित जवाब सोमवार को सदन के पटल पर रखा। सीएम ने सदन के पटल पर निर्वाचन क्षेत्रवार और विभागवार ब्योरा रखा।
ट्रिब्यूनल से 88 कर्मचारियों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के विभिन्न श्रेणियों के 88 कर्मचारियों को पदों सहित प्रदेश उच्च न्यायालय में चरणबद्ध तरीके स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। इसमेें 70 कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के लिए स्थानांतरित किया जा चुका है। इसके अलावा छह चालकों एवं एक पर्यवेक्षक को पदों सहित सामान्य प्रशासन विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। सुजानपुर के कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ने दी।
तपोवन विधानसभा में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा शुरू
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तपोवन स्थित प्रदेश विधानसभा परिसर में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा का शुभारंभ किया। इससे विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से सीधी बातचीत कर सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी भी उपस्थित थे।
सीएम ने पत्नी संग बज्रेश्वरी मंदिर में टेका माथा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्नी के साथ शीत सत्र से पहले शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। माथा टेकने के बाद मंदिर कार्यालय पहुंचे तो मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने उनके समक्ष कई मांगें रखीं। सीएम ने डीसी राकेश प्रजापति को जल्द इन समस्याओं के समाधान की बात कही।
मंदिर ट्रस्ट से पंडित रामप्रसाद शर्मा ने मांग रखी कि निर्माणाधीन सराय के लिए धनराशि जारी की जाए। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री के सामने परिसर के फ्लोर में नए सिरे से मार्बल बिछाने की भी मांग रखी। उनके साथ प्रदेश बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष मुनीष शर्मा तथा पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू भी मौजूद रहे।
सुर्खियां बटोरने के लिए कांग्रेसी कर रहे हो हल्ला: सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में कांग्रेस नेताओं के व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोगों को गुमराह करने और मीडिया सुर्खियों में बने रहने के लिए इस प्रकार की अशोभनीय कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पहले दिन का सत्र समाप्त होने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खुद को प्रदेश का हितैषी बताने वाले कांग्रेस नेता वैश्विक निवेशक सम्मेलन को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अपार संभावनाओं को विश्व के निवेशकों के समक्ष प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पिछले माह इस सम्मेलन का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सतत और समावेशी सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस सम्मेलन में 200 विदेशी निवेशकों सहित दो हजार से अधिक निवेशकों ने भाग लिया।
सम्मेलन सफल रहा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और कई देशों के राजदूत भी शामिल हुए। कहा कि सरकार निवेश के लिए 93 हजार करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने में सफल हुई है। सरकार के प्रयासों की सराहना करने के बजाय विपक्ष मामले में अनावश्यक शोर-शराबा कर रहा है।