{"_id":"613366bf8ebc3e679d6d1921","slug":"mushroom-toffee-rich-in-protein-and-vitamins-is-ready-now-children-s-teeth-will-not-be-spoiled","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: प्रोटीन और विटामिन से भरपूर मशरूम की टॉफी तैयार, अब खराब नहीं होंगे बच्चों के दांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: प्रोटीन और विटामिन से भरपूर मशरूम की टॉफी तैयार, अब खराब नहीं होंगे बच्चों के दांत
Mon, 06 Sep 2021 12:23 PM IST
Krishan Singh
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 06 Sep 2021 12:23 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में ढिंगरी और बटन मशरूम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। खुंब अनुसंधान केंद्र के निदेशक वीपी शर्मा ने बताया कि मशरूम से टॉफी सहित अन्य खाद्य वस्तुएं तैयार की हैं।
विज्ञापन
मशरूम से तैयार टॉफी (कैंडी)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ढिंगरी और बटन मशरूम से तैयार टॉफी (कैंडी) जल्द बाजार में उतारी जाएगी। इस टॉफी से जहां बच्चों के दांत खराब नहीं होंगे, वहीं उनको प्रोटीन और विटामिन मिलेंगे। खुंब निदेशालय चंबाघाट सोलन ने ढिंगरी और बटन मशरूम से टॉफी तैयार की है। यह टॉफी बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने सहित हड्डियों को मजबूत करने में लाभदायक होगी। यह टॉफी छह माह तक खराब नहीं होगी। इसका स्वाद भी बरकरार रहेगा।
विज्ञापन
मशरूम में फाइबर, पोटैशियम सहित विटामिन-सी से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहेगा। निदेशालय के वैज्ञानिकों ने इसका सफल परीक्षण कर लिया है। अब इसे बाजार में उतारने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश में ढिंगरी और बटन मशरूम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। खुंब अनुसंधान केंद्र के निदेशक वीपी शर्मा ने बताया कि मशरूम से टॉफी सहित अन्य खाद्य वस्तुएं तैयार की हैं। मशरूम उत्पादक किसान और स्वयं सहायता समूहों के लिए यह रोजगार का अच्छा और सस्ता साधन है। महिलाएं घर बैठे ही कैंडी तैयार कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस तरह तैयार होगी टॉफी
बटन और ढिंगरी मशरूम को छोटे टुकड़ों में काटकर पांच मिनट तक उबाला जाता है। इसके बाद इसे सुखाकर चाशनी में डाल दिया जाता है। रोजाना तीन दिन तक अलग-अलग चाशनी में डालने के बाद इसे 60 डिग्री के तापमान पर 10 घंटों के लिए सुखाया जाता है। क्रिस्पी होने पर इस पर चीनी व गरी का बुरादा डालकर तैयार किया जाता है। इसके अलावा मशरूम से नमकीन, ब्रेड, मुरब्बा, जैम सहित अन्य खाद्य वस्तुओं को तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन