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एमसी शिमला का कारनामा: 32 लाख रुपये से ऐसी सड़क बनाई, जिस पर गाड़ी ही नहीं चढ़ पाई

Tue, 21 Sep 2021 03:17 PM IST
Krishan Singh अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला
अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Sep 2021 03:17 PM IST
सार

मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि उन्होंने शहरी विकास विभाग से 32 लाख लेकर यह सड़क बनवाई थी। सड़क ऐसी बनी कि गाड़ियां नहीं चढ़ीं। अफसरों को देखना चाहिए था कि सड़क कैसी बन रही है। स्थानीय लोगों ने उनसे बात की कि इस सड़क की हालत सुधारी जाए। अब 15 लाख से इसकी री ग्रेडिंग करवा रहे हैं।

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Municipal Corporation Shimla Made such a road with 32 lakh rupees on which the vehical could not ply
संजौली में अब फिर बनाई जा रही सड़क। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जनता के पैसों की जमकर बरबादी हो रही है। नगर निगम का एक ऐसा ही कारनामा मेयर सत्या कौंडल के संजौली वार्ड में सामने आया है। यहां नगर निगम ने 32 लाख रुपये खर्च कर संजौली चौक से अपर नॉर्थ ओक के लिए एंबुलेंस रोड तो तैयार करवा दिया लेकिन इसमें चढ़ाई इतनी तीखी है कि एंबुलेंस तो क्या बाकी गाड़ियां भी नहीं चढ़ पाईं।  स्थानीय लोगों ने जब नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए तो निगम ने तुरंत ही इस सड़क को तोड़कर इसकी री ग्रेडिंग शुरू कर दी। अब 15 लाख रुपये और खर्च होंगे। लोगों ने कहा कि नगर निगम पैसों की बर्बादी कर रहा है।

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एक सड़क के लिए दो-दो बार टेंडर करने पड़ रहे हैं। सड़क 32 लाख में बननी थी, उस पर अब 50 लाख रुपये से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। नगर निगम रिटेनिंग वॉल देकर सड़क की री ग्रेडिंग कर रहा है ताकि गाड़ियां चढ़ सके। निगम का तर्क है कि पहले साथ लगती जमीन पर काम की अनुमति नहीं मिली, लेकिन सवाल उठता है कि जब अनुमति नहीं मिली तो ऐसी सड़क बनाना क्या जरूरी था जिस पर गाड़ियां नहीं चढ़ पाती।
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अफसरों ने बरती लापरवाही : मेयर
मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि उन्होंने शहरी विकास विभाग से 32 लाख लेकर यह सड़क बनवाई थी। सड़क ऐसी बनी कि गाड़ियां नहीं चढ़ीं। अफसरों को देखना चाहिए था कि सड़क कैसी बन रही है। स्थानीय लोगों ने उनसे बात की कि इस सड़क की हालत सुधारी जाए। अब 15 लाख से इसकी री ग्रेडिंग करवा रहे हैं।
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ठेकेदार ने मर्जी से दे दिए डंगे, नोटिस
संजौली वार्ड के चलौंठी चौक से लोअर चलौंठी सड़क पर नगर निगम ने ठेकेदार को डंगे लगाने का जिम्मा दिया था। इसे दो फीट चौड़े डंगे लगाने को कहा था, लेकिन मौके पर ठेकेदार ने चार फीट चौड़े डंगे लगा दिए। इस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने को नहीं कहा है। ऐसे में अब ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


तोड़ चुके ओपन जिम वाला पार्क
शिमला। शहर के गंज में बनाया ओपन एयर जिम पार्क भी नगर निगम ने उद्घाटन के चार महीने बाद ही तोड़ दिया था। यह पार्क एक कच्चे डंगे पर रिटेनिंग वॉल देकर बनाया गया था। बारिश में यह दरक गया। अब इसे तोड़ दिया है।

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