साहूकार नकद नहीं कर सकेंगे 20 हजार रुपये के ज्यादा का लेनदेन
हिमाचल में अब साहूकार 20 हजार से अधिक राशि का लेनदेन नकद में नहीं कर सकेंगे। बुधवार को इस व्यवस्था पर लगाम कसने के लिए साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक-2020 ध्वनिमत से पारित हुआ। विधेयक के पारित होने के साथ ही अब बीस हजार से ऊपर की राशि का लेनदेन चेक या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से होगा। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने हालांकि इसका विरोध किया, जबकि कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू और माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कुछ सुझावों को शामिल करने की बात करते हुए विधेयक का समर्थन किया। मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इन्कम टैक्स एक्ट और रिजर्व बैंक इंडिया के प्रावधानों को इसमें शामिल किया गया है। कांग्रेस विधायक नेगी ने कहा कि कोरोना संकट के बीच सरकार आए दिन विधेयकों में नए-नए संशोधन कर रही है। साहूकार रजिस्ट्रीकरण विधेयक में संशोधन जनता के हक में नहीं है।
साहूकारों से ऋण लेना पड़ता है। रात को किसी को धनराशि की जरूरत पड़ जाए तो व्यक्ति क्या करेगा। एटीएम से पैसा निकलता नहीं है। विधानसभा के बाहर लगा एटीएम भी बंद ही रहता है। सरकार अब लोगों को उधार भी लेने से रोक रही है। नीरव मोदी का सरकार कुछ नहीं कर सकी। कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि सरकार इस संशोधन को लेकर आई, लेकिन दुरुस्त आई। साहूकार धोखाधड़ी करते हैं। बीस हजार की लिमिट घटाकर दस हजार रुपये करनी चाहिए। माकपा विधायक सिंघा ने कहा कि मैं इससे सहमत हूं। साहूकार लूटते हैं, इसलिए इस पर नियंत्रण जरूरी था। यह संशोधन फोर ए के तहत होना चाहिए। उधर, शहरी विकास विभाग मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 1976 में यह विधेयक पास हुआ था। उस समय आपातकाल लगा था। आपातकाल में लोगों को जेल में बंद कर दिया, लेकिन इस विधेयक को लाकर अच्छा काम किया गया। शिमला में भी ऐसे साहूकार होते थे, जो बहुत लेते थे। इसके अलावा माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2020 बिना चर्चा पारित हुआ।