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शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता बोले- अभिनंदन की तर्ज पर उठाया होता मुद्दा तो जरूर मिलता इंसाफ

Wed, 09 Jun 2021 09:41 PM IST
Krishan Singh अ विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
अ विनोद राणा, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 09 Jun 2021 09:41 PM IST
सार

शहीद कैप्टन सौरभ कालिया को पाकिस्तान सेना ने अमावनीय यातनाएं दी थीं। सौरभ के अंग क्षत-विक्षत कर दिए थे। उनके शरीर पर यातनाओं के निशान थे। कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों ने आपत्ति जताई थी और इंसाफ दिलाने की बात कही थी। 

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Martyr Captain Saurabh Kalia's father statement at kangra himachal
सौरभ कालिया के शहीदी दिवस पर परिजनों ने किया हवन यज्ञ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों को आज भी इंसाफ न मिलने का मलाल है। शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के लिए न्याय का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले दो साल से मामले पर सुनवाई नहीं हुई है। करीब दो दशकों से इंसाफ न मिलता देख पिता डॉ. एनके कालिया और माता विजय कालिया का दर्द बेटे के शहीदी दिवस पर फिर छलका है। 

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परिजनों का कहना है कि विंग कमांडर अभिनंदन की तर्ज पर भारत सरकार ने पाकिस्तान से मुद्दा उठाया होता तो उन्हें जरूर इंसाफ मिलता। जब तक विदेश मंत्रालय पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामला सख्ती से नहीं उठाता, तब तक न्याय मिलना मुश्किल है। विदेश मंत्रालय को कैप्टन सौरभ कालिया का मामला पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए। उन्हें मोदी सरकार से न्याय मिलने की पूरी आस है। 
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पाक सेना ने यातनाएं देकर मारा था सौरभ को 
शहीद कैप्टन सौरभ कालिया को पाकिस्तान सेना ने अमावनीय यातनाएं दी थीं। सौरभ के अंग क्षत-विक्षत कर दिए थे। उनके शरीर पर यातनाओं के निशान थे। कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों ने आपत्ति जताई थी और इंसाफ दिलाने की बात कही थी। कैप्टन सौरभ कालिया का शव नौ जून, 1999 को क्षत-विक्षत हालत में मिला था। कैप्टन सौरभ कालिया और उनके पांच साथी कारगिल में पाकिस्तान सेना की टोह लेने गए थे। शहीद के पिता ने कहा कि उस समय वाजपेयी सरकार को यह मुद्दा पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठना चाहिए था। 
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बेटे की अर्थी को मां का कंधा देने पर रोया था पालमपुर
कारगिल युद्ध के पहले शहीद हुए कैप्टन सौरभ कालिया का पार्थिव शरीर पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बतरा मैदान में पहुंचा था तो माता विजया कालिया ने बेटे के पार्थिव शरीर को कंधा दिया था। यह देखकर सारा पालमपुर रोया था। बेटे का क्षत-विक्षत शव देखकर परिजनों में पाकिस्तान के खिलाफ भारी आक्रोश था। 

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