मणिमहेश यात्रा: श्रद्धालुओं की सुविधा के एचआरटीसी चलाएगा 25 बसें
मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एचआरटीसी बेहतर सुविधाएं देने के लिए पूरी तैयार है। योजनाबद्ध तरीके से अतिरिक्त बसें दौड़ाई जाएंगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के आधार पर बसें चंबा पहुंचेंगी।
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19 अगस्त से शुरू होने वाली मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एचआरटीसी बेहतर सुविधाएं देने के लिए पूरी तैयार है। योजनाबद्ध तरीके से अतिरिक्त बसें दौड़ाई जाएंगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के आधार पर बसें चंबा पहुंचेंगी। पठानकोट डिपो से आने वाली बसें पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर पहुंचेंगी। जबकि बैजनाथ, पालमपुर और धर्मशाला एचआरटीसी डिपो से भी अतिरिक्त बसें चंबा पहुंचेंगी। पहले चरण 15 बसें उपलब्ध रहेंगी। यदि इसी बीच श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है तो अतिरिक्त दस बसें तैयार रखी जाएंगी।
मेकेनिकल स्टाफ को लेकर भी निगम ने पूरी व्यवस्था बनाई है। विभिन्न कार्यशालाओं से आठ मेकेनिकल स्टाफ को भी बुलाया गया है। यात्रा के दौरान अगर बसें खराब होती हैं तो तुरंत बसों को दुरुस्त किया जाए सकेगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण गत दो साल मणिमहेश यात्रा रस्म तक सीमित रही। इस बार प्रशासन ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए जहां मिंजर मेले का आयोजन किया है तो वहीं मणिमहेश यात्रा भी करवाई जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। एचआरटीसी के कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर ने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न डिपो से 25 अतिरिक्त बसें चंबा पहुंचेंगी। भीड़ के हिसाब से इन बसों को दौड़ाया जाएगा। श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधा देने के प्रयास किए जाएंगे।
पहले दिन भरमौर से गौरीकुंड तक हेली टैक्सी ने भरीं 36 उड़ानें
पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू हो गई है। शुक्रवार को 216 श्रद्धालुुओं ने हेलिकाप्टर में बैठ मणिमहेश के लिए प्रस्थान किया। सुबह 7:00 बजे हेलिकॉप्टर ने भरमौर हेलीपैड से गौरीकुंड के लिए उड़ान भरी। इसके बाद दिन भर उड़ानों का सिलसिला चलता रहा। बीच में मौसम खराब और आसमान में बादल छाने से उड़ानों को रोकना भी पड़ा। इस बार हिमालयन हेली सर्विस और थंवी एविएशन कंपनी को हेली टैक्सी सेवा की अनुमति मिली है। दोनों कंपनी के हेलिकाप्टरों ने पहले दिन 36 उड़ानें भरी। पैदल चढ़ाई चढ़ने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए हेली टैक्सी सेवा काफी लाभदायक साबित हो रही है। श्रद्धालु सीधे भरमौर से गौरीकुंड पहुंच रहे हैं, जहां से पैदल डल झील पहुंच आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हेली टैक्सी सेवा शुरू होने से श्रद्धालु एक दिन में कैलाश पर्वत के दर्शन करके वापस भरमौर पहुंच रहे हैं।