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मंडी: बाबा भूतनाथ मंदिर में तारारात्रि से गागर उतार चढ़ाया जाएगा मक्खन
Mon, 10 Jan 2022 02:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 10 Jan 2022 02:19 PM IST
सार
बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने की परंपरा निभाने के लिए हर श्रद्धालु परंपरा का हिस्सा बनता है। प्राचीन समय में राजघराने की ओर से ही मक्खन चढ़ाया जाता था।
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बाबा भूतनाथ मंदिर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
प्रसिद्ध बाबा भूतनाथ मंदिर मंडी में 29 जनवरी को तारारात्रि से मक्खन चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर एक महीने तक जलाभिषेक न कर मक्खन रूपी घृतकंबल चढ़ाया जाएगा। पहले दिन शिवलिंग पर 21 किलोग्राम देसी गाय का शुद्ध मक्खन चढ़ाया जाएगा। बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भक्तों के सहयोग से मक्खन इकट्ठा करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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29 जनवरी से लेकर अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि तक भगवान शिव को जल न चढ़ाकर मक्खन ही चढ़ाया जाएगा। शिवरात्रि के दिन भगवान का जलाभिषेक के साथ शृंगार किया जाएगा। बाबा भूतनाथ मंदिर में मक्खन चढ़ाने की परंपरा 1527 ई. से मंडी नगर की स्थापना से चली आ रही है। इसका आज भी निर्वहन किया जा रहा है। शिवलिंग पर एक महीने तक शिव के अनेक रूपों का शृंगार किया जाएगा।
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बाबा भूतनाथ मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने की परंपरा निभाने के लिए हर श्रद्धालु परंपरा का हिस्सा बनता है। प्राचीन समय में राजघराने की ओर से ही मक्खन चढ़ाया जाता था। आध्यात्मिक दृष्टि से भगवान को 11 माह तक जल चढ़ाया जाता है और एक माह तक जल की गागर उतारकर भगवान को मक्खन चढ़ाया जाता है।
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सरकार के निर्देशों का करेंगे पालन : देवानंद सरस्वती
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि 29 जनवरी तारारात्रि को मक्खन चढ़ने की प्राचीन परंपरा निभाई जाएगी। पहले दिन देसी गाय के 21 किलोग्राम शुद्ध मक्खन से बाबा का शृंगार किया जाएगा। अगर कोविड का प्रकोप अधिक हुआ तो सरकार और जिला प्रशासन के आदेशानुसार ही मंदिर में कार्यक्रम रहेगा।