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आयोग को लिखा पत्र: फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विवि के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
Tue, 23 Nov 2021 10:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 23 Nov 2021 10:09 PM IST
सार
प्रोविजनल डिग्री न मिलने के कारण विद्यार्थी अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। आयोग को भेजे गए पत्र में एक विद्यार्थी ने बताया है कि विवि प्रबंधन से कई बार यह मामला उठाया गया है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।
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राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। जून 2021 में पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को अभी तक प्रोविजनल डिग्रियां जारी नहीं की गई हैं। प्रभावित विद्यार्थियों ने राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया है।
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प्रोविजनल डिग्री न मिलने के कारण विद्यार्थी अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं। आयोग को भेजे गए पत्र में एक विद्यार्थी ने बताया है कि विवि प्रबंधन से कई बार यह मामला उठाया गया है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। मेरे जैसे कई विद्यार्थी इस मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहे हैं। बीटेक की पढ़ाई पूरी होने के बाद अब प्रोविजनल डिग्री हाथ में नहीं होने के कारण अन्य शिक्षण संस्थानों में न तो दाखिले मिल रहे हैं और न ही किसी कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन कर पा रहे हैं। प्रभावित विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी संज्ञान लेने की गुहार लगाई है।
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प्रशासक से मिलकर रखें अपनी बात
शिक्षा सचिव राजीव शर्मा का कहना है कि मानव भारती विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रोविजनल डिग्रियां दी जा रही हैं। सरकार की ओर से विवि में प्रशासक की नियुक्ति की गई है। प्रभावित विद्यार्थी प्रशासक से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। फर्जी डिग्री मामले में विवि के फंसने के चलते ऐसे विद्यार्थियों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी, जो सही तरीके से वहां पढ़ रहे हैं।
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