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दूसरों को फर्जी डिग्रियां बेचने वाले राणा की पत्नी की डिग्रियां भी फर्जी
Sat, 17 Apr 2021 01:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 17 Apr 2021 01:53 PM IST
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जांच-सांकेतिक
- फोटो : pixabay
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सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय (एमबीयू) के लाखों फर्जी डिग्री बेचने के रैकेट की जांच में जुटी सीआईडी और हिमाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले मानव भारती ट्रस्ट के ट्रस्टी राज कुमार राणा की पत्नी की डिग्रियां भी फर्जी हैं। इन फर्जी डिग्रियों के बल पर राणा की पत्नी को कागजों पर विश्वविद्यालय में ही फैकल्टी बना दिया गया और उसे लाखों रुपये की तनख्वाह भी दी जाने लगी।
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सूत्रों का कहना है कि फर्जी निकली डिग्रियां भी एमबीयू की हैं। इन डिग्रियों की मदद से अब तक करोड़ों रुपये तो राणा ने विश्वविद्यालय से ही कागजों में ले लिए। पत्नी की डिग्रियां फर्जी निकलने के बाद जांच टीम अब बेटे और बेटी की भी डिग्रियों की पड़ताल कर रही है। बता दें कि सीआईडी और पुलिस ने अब तक की जांच के आधार पर राणा की पत्नी व दोनों बच्चों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल कर उनके पासपोर्ट भी जब्त करा दिए हैं।
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पासपोर्ट जब्त होने के बाद अब तीनों के पास भारत वापस आने के अलावा कोई और रास्ता नहीं रह गया है। उधर, जांच अधिकारी भी विदेश मंत्रालय की मदद से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे राणा के परिवार के सदस्यों को भारत प्रत्यर्पण को लेकर कोशिशें कर रहे हैं। माना जा रहा है कि परिवार के भारत लौटने के बाद धन शोधन के एंगल से पत्नी और बच्चों के नाम खरीदी गई संपत्तियों की जांच की जाएगी और काले धन से खरीदी गई संपत्तियां जब्त की जाएगी। फिलहाल, राणा के नाम पर दर्ज करीब 194 करोड़ रुपये की संपत्तियों को सीआईडी पहले ही ईडी से जब्त करवा चुकी है।
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