फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   malaria vaccine passed in test, CDL Kasauli gave approval

Malaria Vaccine: अब मलेरिया भी होगा खत्म, परीक्षण में पास हुआ टीका, सीडीएल कसौली ने दी मंजूरी

Tue, 04 Jul 2023 10:51 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Jul 2023 10:51 AM IST
सार

मलेरिया से बचाव में इस टीके को क्रांतिकारी उपाय माना जा रहा है। सीडीएल के सूत्रों ने बताया कि कसौली लैब में हुए परीक्षणों के दौरान टीके के छह बैच को मंजूर कर ग्रीन टिक दे दिया गया है। 

विज्ञापन
malaria vaccine passed in test, CDL Kasauli gave approval
मलेरिया टीका(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मलेरिया से बचाव के लिए देश का पहला टीका तैयार हो गया है। टीके को सेंट्रल ड्रग्स लैबोरटरी (सीडीएल) कसौली ने मंजूरी दे दी है। आर-21 नामक यह टीका अब जल्द ही बाजार में आ सकता है। मलेरिया से बचाव में इस टीके को क्रांतिकारी उपाय माना जा रहा है। सीडीएल के सूत्रों ने बताया कि कसौली लैब में हुए परीक्षणों के दौरान टीके के छह बैच को मंजूर कर ग्रीन टिक दे दिया गया है। सीडीएल की वेबसाइट पर टीके के बैच पास होने की पुष्टि की गई है। मलेरिया से बचाव के लिए अब लोगों को टीके का एक डोज लगाया जा सकेगा।

विज्ञापन


इससे पूर्व हुए परीक्षण में यह टीका मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ 70 फीसदी से अधिक कारगर माना गया है। अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि यह टीका कितने दिन तक मलेरिया से बचाव उपलब्ध कराएगा। अभी इसकी कीमत का भी खुलासा नहीं हुआ है। वैसे, टीका विकसित होने का सबसे बड़ा लाभ मलेरिया से होने वाली मौतों में कमी आने के रूप में होगा, क्योंकि टीका मलेरिया की गंभीरता को कम कर देगा। 
विज्ञापन


सीडीएल के अधिकारियों ने बताया कि जून में टीके के बैच पास कर इसे विकसित करने वाली कंपनी को भेज दिए हैं। मलेरिया होने के बाद मरीजों को इलाज पर डेढ़ हजार रुपये तक का खर्च आता है और दो सप्ताह तक दवा खानी होती है। मरीज को ठीक होने में तीन सप्ताह तक लग जाते हैं। हालांकि, सरकारी अस्पतालों में मलेरिया का इलाज मुफ्त होता है। टीका लगने के बाद मलेरिया सामान्य बुखार की तरह ही रह जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Old Pension Scheme: हिमाचल में 1.18 लाख कर्मचारियों ने चुनी पुरानी पेंशन, 346 रहना चाहते हैं एनपीएस में

क्लीनिकल ट्रायल में पास हुआ था टीका
आर-21 टीका क्लीनिकल ट्रायल में पास हो चुका है। देश के अलग-अलग स्थानों में हुए क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इसकी सटीकता बेहतर पाई गई है। तीन क्लीनिकल ट्रायल में सफल होने के बाद टीके के उत्पादन की मंजूरी दी गई थी।

डब्ल्यूएचओ से प्रमाणित है कसौली की सेंट्रल लैब
कसौली की सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से प्रमाणित है। इस लैब में भारत में उत्पादन और आयात-निर्यात होने वाले हर टीके के प्रभाव और गुणवत्ता की जांच की जाती है। बाजार में लाने से पहले टीका सीडीएल में जांच के लिए आता है। कोरोना वैक्सीन को भी सीडीएल से ग्रीन टिक मिलने के बाद ही बाजार में उतारा गया था। सीडीएल के अधिकारियों ने बताया कि जून में टीके के बैच पास कर इसे विकसित करने वाली कंपनी को भेज दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed