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Lumpy Skin Disease: हिमाचल में लंपी रोग के 1,522 नए मामले, 15 पशुओं की मौत
Thu, 18 Aug 2022 09:51 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 18 Aug 2022 09:51 PM IST
सार
पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गोवंश में लंपी चमड़ी रोग फैलने की आशंका को कम करने और नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पशु पालन विभाग के माध्यम से त्वरित कदम उठाए हैं।
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लंपी चमड़ी रोग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लंपी चमड़ी रोग पांव पसारता जा रहा है। एक ही दिन में इस रोग से 1,522 पशु संक्रमित हुए हैं। जबकि, 15 की मौत हो गई है। संक्रमण का आंकड़ा अब 4,544 हो गया है। इससे अब तक 134 पशुओं की मौत हो चुकी है। तेजी से फैल रही इस बीमारी को लेकर प्रदेश सरकार ने रोग व्यापिकी विंग के उपनिदेशक डॉ. अरुण सरकैक को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। बाकायदा लंपी रोग संबंधित बीमारी से संबंधित सूचना देने और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधित मदद को लेकर इनका मोबाइल नंबर 94180-44545 जारी किया है।
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पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गोवंश में लंपी चमड़ी रोग फैलने की आशंका को कम करने और नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पशु पालन विभाग के माध्यम से त्वरित कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने वैक्सीन खरीदने के लिए जारी की 12 लाख की राशि जारी की है। अब तक हिमाचल प्रदेश में 27,831 गायों को वैक्सीन लगाई गई है। प्रभावित जिलों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों के पांच किलोमीटर के दायरे में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। सभी जिलों में रोगी पशुओं के उपचार के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं। वीरेंद्र कंवर ने बताया कि प्रदेश स्तर पर और सभी जिलों के उपनिदेशकों से लंपी चमड़ी रोग की ताजा स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
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- पशुओं में लंपी चमड़ी रोग के लक्षण दिखने पर नजदीकी पशु चिकित्सा संस्थान में संपर्क करें
- बीमार पशुओं को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखें
- पशुशाला, आसपास कीटाणु और मक्खी मच्छर मुक्त कर दवाइयों का छिड़काव करें
- पशुओं को रोग प्रतिरोधी टीके लगवाएं