लोकसभा चुनाव: संयुक्त किसान मंच बोला- जो आयात शुल्क 100 फीसदी करेगा, उसी पार्टी को देंगे वोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने वाली पार्टी को ही संयुक्त किसान मंच लोकसभा चुनावों में समर्थन देगा। 28 किसान-बागवान संगठनों के संयुक्त संगठन संयुक्त किसान मंच ने गुरुवार को शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया। मंच अपना 6 सूत्री मांगपत्र राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को सौंपेगा। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा है कि पिछले 10 सालों से हिमाचल के किसी भी सांसद ने किसान-बागवानों का कोई मुद्दा सदन में नहीं उठाया। विदेशों से आयातित सेब ने हिमाचल बागवानों की आर्थिकी चौपट कर दी लेकिन भारत सरकार अंजान बनी रही।
कहा कि जिला हमीरपुर के सुजानपुर टीहरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सोलन रैली में राजनाथ सिंह ने सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने का वादा किया पर निभाया नहीं। अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क 70 फीसदी से घटा कर 50 फीसदी करने से हिमाचली सेब की मांग खत्म हो गई है। हमारी मांगों की अनदेखी करने वालों को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा, जो मांगें मानेंगे उनके समर्थन में गांव-गांव जाकर प्रचार करने से भी नहीं चूकेंगे। बैठक में सेब उत्पादक संघ से सोहन ठाकुर, पीजीए से आशुतोष चौहान, स्टोन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन से दीपक सिंघा, किसान सभा से कुलदीप सिंह तंवर के अलावा राजिंदर चौहान, प्रताप चौहान, जय सिंह जेहटा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
ये हैं छह मांगें
फसलों पर स्वामीनाथन आयोग के अनुरूप C2+50% एमएसपी कानूनी रूप से लागू हो
सेब व अन्य फलों पर आयात शुल्क कम से कम 100 प्रतिशत किया जाए
केंद्र सरकार मंडी मध्यस्थता योजना के बजट में की कटौती वापस लेकर बागवानों का बकाया भुगतान हो
खाद, बीज, कीटनाशक, फफुंदीनाशक, कृषि उपकरण सहित लागत वस्तुओं पर अनुदान कटौती बंद करो
कृषि-बागवानी में इस्तेमाल होने वाली लागत वस्तुओं व पैकेजिंग सामग्री पर जीएसटी खत्म हो
किसानों व बागवानों का कर्ज माफ किया जाए