फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   lok sabha election 2019 Sudhir Sharma GS Bali Sarveen Choudhary and Kishan Kapoor

चुनावी मजबूरी में जादू की झप्पी, एक दूसरे का विरोध करने वाले नेता अचानक मिलने लगे गले

Thu, 18 Apr 2019 12:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 18 Apr 2019 12:49 PM IST
विज्ञापन
lok sabha election 2019 Sudhir Sharma GS Bali  Sarveen Choudhary and Kishan Kapoor
सांकेतिक तस्वीर

जिन नेताओं की आपसी रंजिश को दिल से लगाकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के दुश्मन बन जाते हैं, वही नेता चुनावी बेला में कब एक दूसरे को जादू की झप्पी डाल दें पता नहीं चलता। लोकसभा चुनाव के रण में जनता के बीच एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक दुश्मनी दिखाने वाले कांग्रेस और भाजपा के नेता चुनावी मजबूरी के चलते एक दूसरे के करीब आ रहे हैं। कई तो चरणवंदना की कूटनीति को अपना रहे हैं।

विज्ञापन


पिछले करीब पांच साल से कांगड़ा में कांग्रेस नेताओं सुधीर शर्मा और जीएस बाली के बीच जारी सियासी जंग लोकसभा चुनाव की मजबूरी के चलते दोस्ती में बदल गई। 15 अप्रैल को धर्मशाला सम्मेलन के मंच पर दोनों के बीच खूब हंसी ठिठोले हुए।
विज्ञापन


इससे इतर कुछ दिन पहले दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच टिकट की जंग चरम पर थी। सुधीर शर्मा के गुट में शामिल होकर जीएस बाली को उनके ही घर में पिछले पांच साल से शक्ति प्रदर्शन कर ताकत दिखाने वाले कांग्रेस के उम्मीदवार पवन काजल बाली के पांव छूने को मजबूर हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांगड़ा में बाली का जनता के बीच बड़ा कद है। लोकसभा चुनाव में बाली को साथ लिए बिना जीत संभव होती न देख काजल ने गुरु और चेले का सियासी तीर चलाकर नए सियासी रिश्ते गठना ही बेहतर समझा। नगरोटा और धर्मशाला में काजल ने बाली के पांव छूकर जीत का आशीर्वाद लेने की कोशिश की।

एक दूसरे के खिलाफ खुले मंच पर बयानबाजी करने वाले वीरभद्र सिंह और सुखविंद्र सुक्खू भी अचानक तारीफों के पुल बांधने लगे। शीत युद्ध के बीच राजेंद्र राणा और सुक्खू भी एकमंच पर आ गए। धुर विरोधी रहे सुखराम और वीरभद्र सिंह को भी लोकसभा चुनाव की मजबूरी ने गले मिला दिया।

कुछ माह पहले कांगड़ा एयरपोर्ट पर एक दूसरे पर जमकर भड़ास निकालने वाले भाजपा नेता किशन कपूर और सरवीण चौधरी अचानक एकजुट हो गए। कुछ दिन पहले शाहपुर के कार्यक्रम में सरवीण ने कपूर की जीत के लिए बड़ा महिला सम्मेलन करवा दिया। पिछले सवा साल से एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप के आरोपों के चलते दोनों के बीच आपसी कलह जगजाहिर थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed