रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट की मुश्किलें बढ़ीं, वर्दी पहनकर भाजपा में हुए थे शामिल
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प्रदेश के कांगड़ा जिले के दाड़ी मैदान में भाजपा की रैली के दौरान मेडल, स्टार और तमगों से सुसज्जित वर्दी पहने आईटीबीपी के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट के सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। चुनाव आयोग के निर्देश पर मामले की जांच के दौरान वर्दी पहने व्यक्ति की पहचान सोहरा निवासी ओम प्रकाश चौधरी के रूप में हुई। चौधरी पिछले साल 30 सितंबर को आईटीबीपी से रिटायर हो गए थे।
पहचान होने के बाद एसएसपी कांगड़ा ने मामले में डीआईजी आईटीबीपी शिमला को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या कोई रिटायर्ड आईटीबीपी कर्मी अपनी वर्दी व मेडल को पहनकर इस तरह का काम कर सकता है या नहीं। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या वह राजनीतिक कार्यक्रम में वर्दी पहनकर शामिल हो सकता है या नहीं। एसएसपी के इस पत्र के बाद अब चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सूत्रों का कहना है कि अगर आईटीबीपी के नियमों की अवहेलना हुई होगी तो विभाग के साथ साथ चुनाव आयोग विधिक कार्रवाई कर सकता है। साथ ही कार्यक्रम करने वाली पार्टी को भी सेना व अर्ध सैनिक बलों के लोगों का दुरुपयोग करने के मामले में घेर सकता है।
बता दें कि 26 अप्रैल को दाड़ी में भाजपा की रैली के दौरान आईटीबीपी की वर्दी पहने ओम प्रकाश भाजपा में शामिल हुए तो नेता, कार्यकर्ता और मीडिया कर्मी भौचक्के रह गए। हालांकि इस दौरान ओम प्रकाश ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व सीएम शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल को सैल्यूट किया।
ओम प्रकाश ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में सेवाओं के दौरान वह रिटायर हुए थे। उनका कहना था कि वर्दी पहनकर पार्टी में शामिल होने के लिए उन्होंने अनुमति ली हुई है। हालांकि इस कार्यक्रम के बाद आईटीबीपी के रिटायर्ड अफसर की वर्दी पहनकर भाजपा में शामिल होने की तस्वीरें तुरंत सोशल मीडिया में वायरल हो गईं।