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शिमला: आखिरकार कनलोग के जंगल में पकड़ा गया खूंखार तेंदुआ, रेस्क्यू सेंटर ले गई टीम
Thu, 18 Nov 2021 11:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 18 Nov 2021 11:00 PM IST
सार
यह वही तेंदुआ है जिसने कनलोग और डाउनडेल से दो बच्चों को उठाया था, इसकी अभी पहचान नहीं हुई है। वन विभाग के अनुसार इस तेंदुए को पकड़कर अभी रेस्क्यू सेंटर टूटीकंडी ले जाया गया है। वहां आगामी कार्रवाई होगी।
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पकड़ा गया तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी शिमला के जंगलों में दिवाली के बाद से तेंदुए की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम को आखिरकार 14 दिन बाद गुरुवार रात एक तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिली है। शहर के कनलोग इलाके में जंगल में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हुआ है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार रात करीब साढ़े आठ बजे फील्ड स्टाफ ने सूचना दी थी कि एक पिंजरे में कोई जानवर बंद हो गया है। बाद में जब टॉर्च से इसे चेक किया गया तो पता चला कि यह तेंदुआ है।
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इसके बाद आला अफसरों को सूचना दी गई। रात करीब नौ बजे वन विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। ट्रैंक्यूलाइजर गन लिए एक टीम भी मौके पर पहुंची और तेंदुए को बेहोश किया गया। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार यह तेंदुआ बड़ा है और पिंजरे में लगाए गए मांस के लिए यहां आया था। हालांकि, यह वही तेंदुआ है जिसने कनलोग और डाउनडेल से दो बच्चों को उठाया था, इसकी अभी पहचान नहीं हुई है। वन विभाग के अनुसार इस तेंदुए को पकड़कर अभी रेस्क्यू सेंटर टूटीकंडी ले जाया गया है। वहां आगामी कार्रवाई होगी।
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पीसीसीएफ के लौटने के आधे घंटे बाद पिंजरे में फंसा तेंदुआ
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार इस पिंजरे के पास पहले भी तेंदुए की मूवमेंट देखी गई थी। ऐसे में उम्मीद थी कि यह तेंदुआ दोबारा यहां लौटेगा। इससे पहले देर शाम करीब आठ बजे वन विभाग के पीसीसीएफ अजय श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर गए थे। पीसीसीएफ ने इस जगह का भी निरीक्षण किया था और फील्ड स्टाफ को नियमित पिंजरा चेक करने को कहा। पीसीसीएफ के लौटने के करीब आधे घंटे बाद रात करीब साढ़े आठ बजे तेंदुआ इस पिंजरे में फंस गया। वन विभाग के पीसीसीएफ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि कनलोग के जंगल से एक तेंदुए को पकड़ लिया गया है। इसे रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया है। अभी बताना मुश्किल है कि इसी तेंदुए ने बच्चों को उठाया है या नहीं। इसकी पहचान के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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तेंदुए की होगी पहचान, जारी रहेगा ऑपरेशन
रेस्क्यू सेंटर में इस तेंदुए की पहचान की जाएगी। डाउनडेल से जिस बच्चे को उठाया था, उसके मिले अवशेषों में जानवर के बाल भी मिले थे। अब विभाग उन बालों के साथ इसका मिलान कर सकता है। साथ ही ट्रैप कैमरों में कैद हुए तेंदुओं की तस्वीरों से भी मिलान होगा। वन विभाग का कहना है कि अभी जंगल में तेंदुए पकड़ने का ऑपरेशन जारी रहेगा।
दिन-रात फील्ड में डटे हैं वन कर्मचारी
शहर के जंगलों में तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम एडिशनल पीसीसीएफ अनिल ठाकुर की अगुवाई में जंगल में डटी है। डीएफओ वाइल्ड लाइफ एन रविशंकर, डीएफओ शिमला अनिता भारद्वाज, रेंज ऑफिसर प्रमोद गुप्ता के अलावा इनका फील्ड स्टाफ नियमित गश्त कर रहा है। अब 14 दिन की मेहनत रंग लाई। बताया जा रहा है कि अभी और तेंदुए भी जल्द पकड़ में आ सकते हैं। इन्होंने पिंजरे देखे हैं, ऐसे में खाने के लिए वापस जरूर आएंगे।