फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   leadership tips to women mla in dharamshala during training under National Commission for Women programme She is a Changemaker

Women MLA Training Camp: सफल नेता बनना है तो 70 फीसदी सुनें, 30 फीसदी ही बोलें

Fri, 24 Jun 2022 06:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 24 Jun 2022 06:41 PM IST
सार

पार एक्सिलेंस लीडरशिप सोल्यूशंज कंपनी के सीईओ आर राजेश्वर उपाध्याय ने बताया कि एक सफल नेता बनने के लिए बोलने से ज्यादा सुनने की कला जरूरी है। इससे समाज में आपकी एक अच्छे नेता के रूप में छवि बनेगी। 

विज्ञापन
leadership tips to women mla in dharamshala during training under National Commission for Women programme She is a Changemaker
ट्रेनिंग कार्यक्रम में मौजूद महिला विधायक। - फोटो : संवाद

विस्तार

महिला विधायकों को प्रशिक्षित करने के लिए धर्मशाला में चल रही कार्यशाला में उन्हें बताया कि अगर सफल नेता बनना है तो बातचीत के दौरान वे 70 फीसदी सुनें और 30 फीसदी ही बोलें। विधायकों को कार्यशाला के तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को नेतृत्व निखार के गुर दिए गए। उन्हें ‘स्वदेश’ फिल्म के दृश्य दिखाकर भावनात्मक बुद्धिमता से सशक्त बनने के तरीके समझाए। 

विज्ञापन


शी इज ए चेंजमेकर परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की 30 महिला विधायकों की नेतृत्व क्षमता और कौशल को निखारा गया। क्षमता निर्माण के उद्देश्य से यह कार्यशाला राष्ट्रीय लिंग और बाल केंद्र, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन और राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित की गई।
विज्ञापन


शुक्रवार को भावनात्मक बुद्धिमता विषय पर करवाए गए सत्र में विधायकों को इफेक्टिव लिसनिंग (ध्यान से सुनने) के जरूरी टिप्स दिए गए। यह सत्र पार एक्सिलेंस लीडरशिप सोल्यूशंज कंपनी के सीईओ आर राजेश्वर उपाध्याय ने लिया। उन्होंने बताया कि एक सफल नेता बनने के लिए बोलने से ज्यादा सुनने की कला जरूरी है। इससे समाज में आपकी एक अच्छे नेता के रूप में छवि बनेगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


भावनात्मक बुद्धिमता पर उन्होंने बताया कि सफल राजनीतिक जीवन के लिए जरूरी है कि अपनी भावनाओं को परिस्थितियों के अनुरूप ढालते हुए संबंधों में तालमेल बिठाया जाए। इसमें तथ्यों ही नहीं, बल्कि भावनाओं से भी काम लेना चाहिए। भावनात्मक बुद्धिमता के लिए स्वयं के प्रति जागरूकता, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण, नेटवर्किंग बढ़ाने के लिए सामाजिक कौशल और दूसरों की खूबियों की तारीफ करना शामिल रहता है।


इस दौरान हमें अपनी भावनाओं के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं की भी कद्र करनी चाहिए। तीन दिन तक चले इस कार्यक्रम में कुल 12 सत्र आयोजित किए गए। इनमें विषय विशेषज्ञों ने महिला विधायकों को सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, डिसीजन मेकिंग, सेल्फ अवेयरनेस के मंत्र दिए। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को भागीदारी के प्रमाण पत्र भेंट किए गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed