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कुल्लू मारपीट प्रकरण: एसपी, पीएसओ की गलती गंभीर, सख्त कार्रवाई की सिफारिश
Wed, 30 Jun 2021 10:34 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 30 Jun 2021 10:34 AM IST
सार
रिपोर्ट में कहा है कि दोनों ने ही वीवीआईपी प्रोग्राम के दौरान बेहद शर्मनाक व्यवहार किया, जबकि एडिशनल एसपी बृजेश सूद पर अत्यधिक संवेदनशील लोगों के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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कुल्लू मारपीट प्रकरण(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कुल्लू दौरे के पहले दिन 23 जून को एसपी गौरव सिंह, एडिशनल एसपी बृजेश सूद और पीएसओ बलवंत सिंह के बीच मारपीट प्रकरण की जांच रिपोर्ट डीजीपी संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में एसपी गौरव सिंह और मुख्यमंत्री के पीएसओ बलवंत सिंह की गलती को गंभीर माना है, जिसके चलते दोनों पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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रिपोर्ट में कहा है कि दोनों ने ही वीवीआईपी प्रोग्राम के दौरान बेहद शर्मनाक व्यवहार किया, जबकि एडिशनल एसपी बृजेश सूद पर अत्यधिक संवेदनशील लोगों के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन न करने पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। दलील दी गई कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की गाड़ियों के काफिले व सुरक्षा के लिए सीआईडी ने प्रोटोकॉल आधार पर व्यवस्था की थी, लेकिन ऐन मौके पर उसमें बदलाव की कोशिश की गई। इससे वीवीआईपी की भी सुरक्षा से समझौता हो गया।
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माना जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री के फैसले से ही तीनों का भविष्य तय होगा। सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री के लिए भी इस मामले में फैसला लेना आसान नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि विवाद जिस विषय पर शुरू हुआ उसमें तीनों ही अलग-अलग तरह से अपनी जिम्मेदारी के तहत काम कर रहे थे। एडिशनल एसपी बृजेश सूद उनकी ही सुरक्षा के प्रभारी थे और सुरक्षा के लिए ही एसपी से उलझे थे। पीएसओ बलवंत सिंह मुख्यमंत्री के बचपन के मित्र होने के साथ-साथ पिछले 22 साल से उनके निजी सुरक्षा अधिकारी थे।
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वहीं, एसपी गौरव सिंह पर पूरे कार्यक्रम के दौरान गडकरी की सुरक्षा और कार्यक्रम का शांतिपूर्वक आयोजन कराने का जिम्मा था। अगर गौरव को थप्पड़ मारने का दोषी मानते हुए कार्रवाई होती है तो तो उच्चाधिकारी को दो बार लात मारने पर पीएसओ पर भी कड़ी कार्रवाई तय होगी। बता दें, सेंट्रल रेंज मंडी के डीआईजी मधु सूदन ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) को कुल्लू प्रकरण से संबंधित प्रारंभिक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय के स्तर पर बनी एक उच्च स्तरीय कमेटी ने विस्तृत रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही होगा निर्णय : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रथम दृष्टया कुल्लू मामले में जो एक्शन लिया जाना था, उसे ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक से उन्हें जांच रिपोर्ट मिली है। इसका अध्ययन करने के बाद ही अगला निर्णय होगा।