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चार सालों से आवाजाही बंद: कुल्लू कांग्रेस ने निकाली भूतनाथ पुल की शवयात्रा
Mon, 18 Apr 2022 05:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 18 Apr 2022 05:27 PM IST
सार
ब्यास नदी पर बने कुल्लू के ऐतिहासिक डबललेन भूतनाथ पुल से पिछले चार सालों से बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बंद है। पुल के बीचोंबीच दरारें आ गई हैं।
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पुल की शवयात्रा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कुल्लू के ऐतिहासिक भूतनाथ पुल से पिछले चार सालों से वाहनों की आवाजाही बंद होने पर जिला कांग्रेस ने सोमवार को पुल की शवयात्रा निकाली और उसे श्रद्धांजलि अर्पित की। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक सुंदर सिंह ठाकुर की अगुवाई में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुल्लू शहर भूतनाथ पुल अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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ब्यास नदी पर बने कुल्लू के ऐतिहासिक डबललेन भूतनाथ पुल से पिछले चार सालों से बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बंद है। पुल के बीचोंबीच दरारें आ गई हैं। इससे खराहल समेत घाटी जाने वाले लोगों को बस स्टैंड से दो किलोमीटर घूमकर वाया रामशिला जाना पड़ रहा है। डबललेन पुल बनाने में दस करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद इसकी मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने 2.68 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए हैं, लेकिन कोरोना काल की वजह से पुल का काम रुक गया है। अब फलों का सीजन शुरू होने वाला है। हजारों किसान-बागवान परेशान हैं। इस मौके पर प्रेमलता ठाकुर, संजय गुप्ता, गोपाल कृष्ण महंत, किशन ठाकुर, छज्जू राम, प्रवीण ठाकुर, उत्तम शर्मा, विष्ण दास, विशाल महंत, मनीष भंडारी, राजेश सेठ समेत अन्य उपस्थित रहे।
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वन वे बैली ब्रिज से चल रहीं बसें
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने अखाड़ा बाजार में एक वे बैली ब्रिज बनाया है। वर्तमान में इस पुल से वाहनों की आवाजाही हो रही है। खराहल समेत अन्य स्थानों पर जाने के लिए लोगों को वाया रामशिला जाना पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भूतनाथ पुल का उद्घाटन किया था। नवंबर 2018 में डबललेन पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।