{"_id":"659f875bec5477f83a023c59","slug":"krsnaa-lab-case-test-stalled-in-himachal-hospitals-for-the-second-day-patients-worried-2024-01-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"क्रस्ना लैब मामला: हिमाचल के अस्पतालों में दूसरे दिन भी टेस्ट ठप, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रस्ना लैब मामला: हिमाचल के अस्पतालों में दूसरे दिन भी टेस्ट ठप, मरीज परेशान
Thu, 11 Jan 2024 07:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/कुल्लू/शाहपुर(कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/कुल्लू/शाहपुर(कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 11 Jan 2024 07:59 PM IST
सार
देश के मेडिकल कॉलेज समेत अन्य जिला अस्पतालों में निजी क्रस्ना लैब के कर्मचारियों ने मरीजों के सैंपल लेने का काम बंद कर दिया है। दूसरे दिन गुरुवार को भी क्रस्ना लैब में टेस्ट सैंपल नहीं लिए गए।
विज्ञापन
क्रस्ना लैब में टेस्ट ठप।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सरकार और क्रस्ना लैब के बीच गतिरोध जारी है। सरकार की ओर से पैसा जारी न होने पर कंपनी ने टेस्ट और एक्सरे करना बंद कर दिए हैं। कंपनी बीते 9 महीने की लंबित 54 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मांग कर रही है। राशि जारी न किए जाने पर कंपनी ने काम करना बंद किया है। मेडिकल काॅलेजों समेत अन्य अस्पतालों में स्थापित क्रस्ना लैब में सैंपल की जांच न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिन से टेस्ट बंद होने से मरीजों को निजी या फिर सरकारी लैब में टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। सरकार ने अस्पतालों की लैब को दिन-रात चालू रखने के निर्देश दिए हैं। इधर, निजी लैब क्रस्ना के अधिकारी सरकार से लंबित राशि का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। चेेतावनी दी है कि पैसा जारी होने तक काम शुरू नहीं होगा। वीरवार को स्वास्थ्य अधिकारियों की इस मामले को लेकर बैठक हुई है। इसमें सरकारी लैब को सुदृढ़ किए जाने का फैसला लिया गया। प्रदेश के मेडिकल काॅलेज आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक, नाहन, चंबा सहित जिला अस्पतालों में क्रस्ना लैब ने काम करना बंद कर दिया है।
विज्ञापन
बिना इलाज घरों को लौटे कई मरीज
वहीं, कुल्लू में क्रस्ना लैब की सेवाएं बंद होने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि सरकारी लैब में टेस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। ऊना में मरीजों को निजी लैबों में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़े। कई मरीज इंतजार करने के बाद बिना इलाज के ही घरों को लौट गए। कांगड़ा जिले के अस्पतालों में भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। 12 बजे तक सरकारी लैबों में टेस्ट हुए। इसके बाद मरीज-तीमारदारों को प्राइवेट लैब का रुख करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज चंबा में हाथ में पर्ची लेकर मरीज लैब के बाहर टेस्ट होने का इंतजार करते रहे।दो बजे तक टेस्ट नहीं हो पाए तो निजी लैबों का रुख किया।
डेढ़ घंटे बढ़ाया टेस्ट करवाने का समय
मंडी जिले के नेरचौक मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में क्रस्ना लैब के कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि सरकारी लैब में टेस्ट करवाने का समय डेढ़ घंटे बढ़ा दिया गया है। मरीज सुबह साढ़े 9 से डेढ़ बजे तक टेस्ट करवा सकते हैं। रिपोर्ट भी शाम तक ही देने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में स्थापित सरकारी लैब में मरीजों के टेस्ट हो रहे हैं। इन्हें सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की बैठक होनी थी, लेकिन शाम तक बैठक नहीं हो पाई है।-गोपाल बेरी, स्वास्थ्य निदेशक
Trending Videos
शाहपुर में क्रस्ना लैब
- फोटो : संवाद
शाहपुर में क्रस्ना लैब में टेस्ट बंद, मरीजों की बढ़ी परेशानी
दो जिलों के तीन विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले सिविल अस्पताल शाहपुर में क्रस्ना लैब ने अपनी सेवाएं बुधवार से बंद कर दी। इस लैब में करीब 100 प्रकार के टेस्ट होते थे। सिविल अस्पताल शाहपुर में प्रतिदिन 600 से लेकर 800 तक के करीब मरीज उपचार करवाने आते हैं। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस लैब में रोजाना ओसतन 60 से 80 मरीजों के टेस्ट होते थे। अब फ्री टेस्ट की सुविधा बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अस्पताल में मरीजों को नहीं आएगी दिक्कत
सिविल अस्पताल शाहपुर में तैनात चिकित्सा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विक्रम कटोच ने बताया कि बुधवार को सुबह क्रसना लैब ने सेवाएं बंद कर दी हैं। सिविल अस्पताल शाहपुर में अपनी सरकारी अत्याधुनिक लैब है। कुछ महीने पहले शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रयास से यहां अत्याधुनिक लैब स्थापित की गई है। मरीजों को परेशानी आने नहीं दी जाएगी।
दो जिलों के तीन विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले सिविल अस्पताल शाहपुर में क्रस्ना लैब ने अपनी सेवाएं बुधवार से बंद कर दी। इस लैब में करीब 100 प्रकार के टेस्ट होते थे। सिविल अस्पताल शाहपुर में प्रतिदिन 600 से लेकर 800 तक के करीब मरीज उपचार करवाने आते हैं। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस लैब में रोजाना ओसतन 60 से 80 मरीजों के टेस्ट होते थे। अब फ्री टेस्ट की सुविधा बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अस्पताल में मरीजों को नहीं आएगी दिक्कत
सिविल अस्पताल शाहपुर में तैनात चिकित्सा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विक्रम कटोच ने बताया कि बुधवार को सुबह क्रसना लैब ने सेवाएं बंद कर दी हैं। सिविल अस्पताल शाहपुर में अपनी सरकारी अत्याधुनिक लैब है। कुछ महीने पहले शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रयास से यहां अत्याधुनिक लैब स्थापित की गई है। मरीजों को परेशानी आने नहीं दी जाएगी।